पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सीकर में भाजपा के पुराने नेताओं को कहा- मंच पर बैठे कईयों की शक्ल बदल चुकी है। जब हमने शुरू किया था तब सब लोग चुस्त-दुरुस्त और जवान दिखते थे। अब थोड़े उम्रदराज भी हो गए हैं। ये उनकी ही नहीं, सबकी स्थिति है। वसुंधरा ने धोद विधायक से कहा- जब हम लोग धोद विधानसभा के लिए लड़ा करते थे, तब सोचते थे कि कैसे जीतेंगे, कैसे जिताएंगे? अब तो ऐसे फैल गए हैं, जैसे बरगद का पेड़ फैल जाता है। उसके नीचे कुछ नहीं हो सकता है। इसलिए कांग्रेस, कॉमरेड और दूसरी पार्टियां वहां पर दिखाई नहीं देती है। उन्होंने कहा- इसलिए मैं विधायक को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने काफी लंबा काम किया। ये 1-2 साल में नहीं हो सकता था, लेकिन आपने इसको पूरा कर दिया है। वसुंधरा ने आगे कहा- अब बाकी लोगों को फैलने की जरूरत है। वहां जाइए, जहां पर जरूरत है। जब धोद वालों ने इतना सफाया कर दिया तो हम भी तो कर सकते हैं। इनमें ऐसे कौन से गुण हैं, जो दूसरे लोगों को नहीं बता सकते।
मेरे साथ काम करने वाली महिला कार्यकर्ताओं से मिलने का मौका मिला
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सोमवार को बीकानेर जाते समय सीकर में भाजपा ऑफिस पहुंचीं थीं। यहां युवा कार्यकर्ताओं ने 51 किलो की माला से उनका स्वागत किया। इस दौरान राजे ने कार्यकर्ताओं का आभार जताया। राजे ने कहा- आज मुझे यहां काफी लोगों से मिलने का मौका मिला। इनमें कई पूर्व सरपंच भी हैं, कोई 4 तो कोई 2 और कोई 1 बार सरपंच रहा। मेरे साथ रात को 2-2 बजे तक पार्टी के लिए काम करने वाली महिला कार्यकर्ताओं से मिलने का भी मौका मिला। रतन जलधारी से कहा- आप घर जाओ और आराम करो
लोगों को संबोधित करने के बाद वसुंधरा राजे ने विधानसभा चुनाव 2023 में सीकर से भाजपा प्रत्याशी रहे रतनलाल जलधारी से बातचीत की। चुनाव की बात हुई तो राजे ने कहा कि इस बार उनका बैडलक रहा कि चुनाव हार गए। इस दौरान धोद विधायक गोरधन वर्मा ने वसुंधरा राजे को बताया कि आपको 51 किलो की माला पहनाने वालों में रतन जलधारी का पोता यश था। तब वसुंधरा राजे ने मजाकिया अंदाज में जलधारी को कहा- आप घर जाओ और आराम करो। फिर वसुंधरा राजे ने कहा कि राजमाता ने भी कहा था कि मुझे विदाई मत दो, बैठाओ मत। वसुंधरा राजे ने सीकर के बीजेपी ऑफिस बिल्डिंग की तारीफ करते हुए कहा कि काफी बेहतरीन इंटीरियर और अच्छी जगह इस ऑफिस को बनाया गया है। वरना पहले तो ऐसा होता था पार्टी के जिस भी आदमी के घर पर जगह मिल जाती, वहीं पर पार्टी का काम शुरू कर देते थे।

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