सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, जिसमें सरकारी कर्मचारियों, मजदूरों और पंचायत-निकाय चुनाव से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के बाद डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, कानून मंत्री जोगाराम पटेल और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने फैसलों की जानकारी दी। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया- कैबिनेट ने ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट का अनुमोदन किया। सरकार शुरू से ही ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की अवधारणा के पक्ष में रही है। हमने बजट में भी इसकी घोषणा की थी। कैबिनेट ने एक बार फिर इसी अवधारणा को दोहराया। उसी के अनुरूप हम इस साल पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा- जिन पंचायत और निकाय का कार्यकाल पूरा हो गया है और जिनका नवंबर तक पूरा होना है। उन सभी के चुनाव एक साथ होंगे। चुनावों को लेकर कोर्ट ने जो निर्देश दिए हैं, उनका भी पूरा पालन किया जाएगा। कैबिनेट ने राज्य मजदूरी संहिता-2026 को दी मंजूरी कैबिनट ने राज्य मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी दी है। इसमें मजदूर का वेतन तय करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाएगी। साल में 2 बार (1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को) वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य होगा। मजदूर से सप्ताह में 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा। 5 घंटे के काम के बाद आधे घंटे आराम देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को अब राज्य बीमा का लाभ सेवानिवृत्ति की अंतिम तारीख तक मिलेगा। अभी तक सेवानिवृत्ति के साल में 1 अप्रैल तक ही यह लाभ मिलता था। ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों के रोजगार की गारंटी उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया- मंत्रिमंडल ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा, आजीविका संवर्धन और विकास की दिशा में ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘विकसित भारत-जी.आर.ए.एम.’ (GRAM) योजना शुरू करने की स्वीकृति दी है। यह योजना विकसित भारत और विकसित राजस्थान के ‘विजन 2047’ के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर, समावेशी और दीर्घकालिक रूप प्रदान करेगी। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर तो उपलब्ध होंगे ही, साथ ही जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा (अवसंरचना) निर्माण और आपदा प्रबंधन के कार्य भी करवाए जा सकेंगे। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों की रोजगार सुरक्षा को बढ़ाते हुए एक वित्तीय साल में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है। योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, महिलाओं और कमजोर वर्गों की भागीदारी को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। नई एग्रो इंडस्ट्री लगाने पर मिलेगी विशेष छूट उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया- कैबिनेट बैठक में एग्रो फूड प्रोसेसिंग नीति-2026 का अनुमोदन किया गया। प्रदेश में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों-उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए यह नई नीति लाई गई है। इस नई नीति के तहत फल-सब्जी, दलहन-तिलहन, औषधि निर्माण (फार्मास्युटिकल) और पशु आहार से जुड़े उद्योगों को विशेष रूप से मजबूती दी जाएगी। नीति के तहत प्रदेश में नई एग्रो इंडस्ट्री स्थापित करने वाले उद्यमियों और निवेशकों को सरकार की ओर से विशेष छूट और प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हर साल लगाए जाएंगे 10 करोड़ पौधे राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया- कैबिनेट ने ट्री आउटसाइड पॉलिसी को भी मंजूरी दी है। मिशन हरियालो राजस्थान के तहत हर साल 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। नदी, नालों और सड़क के किनारों पर पेड़ लगाए जाएंगे। ये खबर भी पढ़ें राजस्थान के 25 लाख श्रमिकों की बढ़ेगी मजदूरी:DA की तरह महंगाई के हिसाब से हर साल बढ़ोतरी, जानिए- किस श्रमिक को कितना फायदा मिलेगा
