सवाई माधोपुर के निमली खुर्द गांव के सीता माता मंदिर पर आयोजित होने वाला तीन दिवसीय मेला आज अपने पूरे परवान पर रहा। यहां आस पास के क्षेत्र सहित दूर दराज से लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने माता सीता के दरबार मे हाजरी लगाई और अपनी और अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मेला एंव मंदिर कमेटी द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाओं को अंजाम दिया गया। मेले में पद दंगल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय लोक कलाकारों सहित दूर दराज से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां दी। इस दौरान सीता माता मंदिर के नजदीक एक भालू का मूवमेंट देखने को मिला। ऐसे में श्रद्धालुओंं की सुरक्षा को देखते हुए मौके पर वनकर्मियों की टीम तैनात रही। इस दौरान टीम पूरे दिन भालू की मॉनिटरिंग करती रही। सदियों पुराने मंदिर से जुड़ी मान्यता मान्यता है कि सीता माता का मंदिर सदियों पुराना है और रामायण काल का है। बुजुर्ग बताते हैं कि जब माता सीता वनवास के समय यहां आई थी। यहां वाल्मीकि जी का आश्रम था। जहां सीता माता ने अपना वनवास काटा था। वहीं कुछ लोग इस मंदिर को महाभारत काल का बताते हैं। सीता माता मंदिर को लेकर कई तरह की किवदंतियां प्रचलित हैं। मंदिर के बारे में सही और सटीक जानकारी तो किसी के पास नहीं है। यह मंदिर सदियों पुराना है और इस मंदिर को लेकर क्षेत्र के लोगों में गहरी आस्था है। 3 दिवसीय मेले का आज अंतिम और प्रमुख दिन है। जिसके चलते आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंचे। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मन्दिर कमेटी सहित भामाशाहों द्वारा भंडारे लगाए गए।
