प्रदेश में होने वाले शहरी निकायों और पंचायतीराज चुनाव में महिलाओं के आरक्षण का अलग-अलग प्रतिशत रहेगा। शहरी निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% नहीं 33 फीसदी आरक्षण ही मिलेगा। वहीं पंचायतीराज चुनाव में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण रहेगा। कोर्ट के पुराने फैसले की वजह से शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में महिला आरक्षण अलग-अलग रहेगा। पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव में एससी, एसटी, ओबीसी वर्गों में महिलाओं को आरक्षण उसी हिसाब से दिया जाएगा। स्वायत्त शासन विभाग ने 33 फीसदी महिला आरक्षण के हिसाब से लॉटरी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंचायतीराज विभाग 50 फीसदी महिला आरक्षण के हिसाब से अलग-अलग वर्गों के आरक्षण की लॉटरी तय करेगा। दोनों विभाग निकायों और पंचायतीराज संस्थााओं का आरक्षण तय कर राज्य निर्वाचन आयोग को ब्यौरा देंगे। कई राज्यों में लागू 50 प्रतिशत महिला आरक्षण कानूनी जानकारों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 243-डी में संशोधन करने के बाद ही शहरी निकाय चुनाव में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू हो सकता है। बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और केरल में शहरी निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है।
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