गांव के एक खेत में लेपर्ड के दो बच्चों को देख गांव के लोगों ने उन्हें गोद में उठा लिया। इसके बाद जैसे ही लोगों को पता चला तो खेत में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामला राजसमंद के भावा गांव का है। भावा गांव के किसान नारायण गुर्जर के खेत में लेपर्ड के ये दोनों लेपर्ड के बच्चे थे। हालांकि खेत मालिक ने इन्हें खेत में सुरक्षित जगह पर रखा और फिर वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग ने इन्हें नर्सरी में शिफ्ट किया। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात मादा लेपर्ड अपने बच्चों को ले गई। फोटो में देखें… गन्ने के खेत में मां बच्चों को दोड़ कर गई थी दरअसल, किसान नारायण गुर्जर का गन्ने का खेत है। गुरुवार दोपहर को जब वे अपने खेत में पहुंचे तो गुर्राने की आवाज सुनी। इसके बाद वहां तलाशी ली तो लेपर्ड के दो बच्चे दिखाई दिए। इधर, जैसे ही लोगों को सूचना मिली तो वे भी नारायण गुर्जर के खेत में पहुंच गए। कुछ बच्चे भी यहां थे। सभी लोग बच्चों को देख उन्हें हाथ में लेकर उठाने लगे। इस दौरान एक युवक ने लेपर्ड के बच्चे को गोद तक में उठा दिया। डीएफओ बोले- रात में नर्सरी ले गए थे, वहां से मां ले गई डीएफओ रामानंद भाकर ने बताया कि किसान नारायण गुर्जर ने उन्हें कॉल कर सूचना दी थी कि उसके खेत में लेपर्ड के दो बच्चे है। इस पर टीम मौके पर पहुंची और दोनों शावकों को चन विभाग की बिनोल नर्सरी में पहुंचाया गया। इसके बाद रात को दोबारा शावकों को खेत में छोड़ा ताकि उनकी मां उन्हें लेकर चली जाए। शुक्रवार सुबह जब टीम पहुंची तो दोनों शावक वहां नहीं थे। ऐसा लग रहा है कि रात में उनकी मां दोनों को सुरक्षित स्थान पर ले गई।
