कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने रेजिडेंट्स से मारपीट की, कपड़े फाड़ दिए। वार्ड में जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद बेड सहित शव हॉस्पिटल के बाहर ले गए और धरने पर बैठ गए। मामला एमबीएस हॉस्पिटल में शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे का है। हॉस्पिटल में भर्ती टोंक जिला निवासी मरीज किशन (25) और बूंदी जिले के मरीज मदन लाल को अचानक सांस लेने में परेशानी हुई। रेजिडेंट उन्हें सीपीआर देने लगे। तभी मरीज के परिजन आए और रेजिडेंट प्रियांक और डॉ. रक्षित फर्स्ट के साथ मारपीट करने लगे। वार्ड में जमकर तोड़फोड़ की। परिजन दोनों मरीजों को बाहर ले गए। हॉस्पिटल के बाहर करीब 1 घंटे तक हंगामा किया। पहले देखें अस्पताल के अंदर और बाहर हंगामे के PHOTOS पंजे में चोट के बाद टांके पकने पर कराया था भर्ती मृतक किशन टोंक जिले के कोटड़ी रोड का रहने वाला था। वह ढोल बजाता था। 2 मई को सवाई माधोपुर में एक्सीडेंट में किशन के पैर के पंजे में चोट लग गई थी। छोटे भाई शिवा ने बताया- सवाई माधोपुर में किशन के पंजे में टांके लगे थे। तीन-चार दिन बाद टांके पक गए थे। इसके बाद उसे माधोपुर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। बाद में उसके गले में प्रॉब्लम हो गई। उसने खाना बंद कर दिया था। केवल पानी पी रहा था। इसके बाद तीन दिन पहले गोपालपुरा माताजी के ले गए। फिर कोटा में गुरुवार शाम को 5 बजे लाए। रात को एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। सुबह तक किशन की तबीयत ठीक थी। उसने जूस पीया था। दोपहर 12 बजे उसने मुझसे वीडियो कॉल पर बात की थी। कुछ देर बाद उसे इंजेक्शन लगाकर जांच के लिए ले जा रहे थे। इस दौरान वो तड़पने लगा, जिसके बाद हमने डॉक्टर से बातचीत की। इस पर डॉक्टर अपना सामान छोड़कर भाग गए। पेट में तकलीफ होने पर मदन को कराया था एडमिट बूंदी जिले के बड़ा नया गांव निवासी मदन (55) को पेट में तकलीफ होने पर गुरुवार रात परिजन कोटा लाए थे। उसकी हालत गंभीर थी, मदन के दो बच्चे हैं। डॉक्टर बोले- CPR देते समय लोगों ने मारपीट की ड्यूटी पर मौजूद रेजिडेट प्रियांक ने बताया- किशन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती था, जबकि मदन इमरजेंसी वार्ड में भर्ती था। दोनों की हालत रात से गंभीर थी। किशन को अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई। उसकी पल्स चली गई। इस पर मैंने सीपीआर देना शुरू किया। तभी 20-30 लोग आए और हमें पकड़ लिया और मेरे साथ मारपीट की। जान बचाने के लिए बाथरूम में भागा तो वहां भी हमें मदन के परिजन ने पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह मैं और डॉक्टर रक्षित वहां से जान बचाकर भागे। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर एडीएम सिटी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों से समझाइश की। सीरियस कंडीशन में थे मरीज हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ.धर्मराज मीणा ने बताया- दोनों पेशेंट सीरियस कंडीशन में भर्ती हुए थे। एक मरीज को टिटनेस की प्रॉब्लम थी, दूसरे मरीज को न्यूमोनिया की शिकायत थी। डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे। सीपीआर देते समय परिजनों ने हंगामा कर दिया। दो रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट की। उनके कपड़े फाड़ दिए। वे जान बचाने के लिए बाथरूम की तरफ भागे। इस पर परिजनों ने वार्ड में तोड़फोड़ की। फिर पेशेंट को बेड सहित हॉस्पिटल से बाहर ले गए। हॉस्पिटल स्टाफ और सुरक्षा गार्ड ने रोकने की बहुत कोशिश की। मरीज के परिजनों की संख्या ज्यादा थी। ऐसे में परिजन नहीं माने और बेड सहित पेशेंट को सड़क पर ले गए। परिजन काफी देर तक सड़क पर प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शनकारी ने गोली मारने की धमकी दी हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ.धर्मराज मीणा ने बताया- प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने मुझे गोली मारने की धमकी दी। मैंने कलेक्टर को फोन पर सारी बात बताई। इसके बाद एडीएम सिटी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस फोर्स के आने के बाद परिजन माने। बाद में दोनों मरीजों के शव को एमबीएस हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया गया। डॉ. धर्मराज ने बताया- दोनों मरीजों की डेथ डिक्लेअर नहीं हुई थी। उससे पहले ही परिजन दोनों को बाहर ले गए और रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट की। वहीं घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर ने प्रदर्शन किया और शिकायत दी। हॉस्पिटल की तरफ से आरोपियों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज करवाया जाएगा।

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