लुधियाना में जगराओं के गांव हांस कलां में संदिग्धों की जांच करने पहुंची चौकीमान चौकी पुलिस टीम पर आरोपी युवक और उसके परिवार ने हमला कर दिया। आरोपियों ने पुलिस टीम की गाड़ी तोड़ी, एएसआई व सिपाही की वर्दी फाड़ दी। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट और एएसआई के बयानों के आधार पर छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार लगातार शिकायतों के बाद पुलिस टीम आरोपी रमणदीप सिंह उर्फ लवी को पूछताछ के लिए रोका। इसी दौरान पिता, मां, चाचा और अन्य साथियों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम को घेर लिया और मारपीट शूरू कर दी। पुलिस की गाड़ी को भी तोड़ दिया। नशे में राहगीरों को परेशान करने की शिकायत पर पहुंची थी पुलिस थाना सदर जगराओं के इंचार्ज सुखविंदर सिंह ने बताया कि चौकीमान पुलिस चौकी को लगातार गांव हांस कलां निवासी रमणदीप सिंह उर्फ लवी के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि वह नशा करने का आदी है और नशे की हालत में वहां से गुजरने वाले राहगीरों व ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी करता है। इसी सूचना के आधार पर चौकीमान चौकी के इंचार्ज एएसआई सुखदेव सिंह अपने साथ सिपाही लखवीर सिंह के साथ गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के लिए गांव हांस कलां पहुंचे थे। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि रमणदीप सिंह उर्फ लवी और उसका साथी हरमनजोत सिंह निवासी ढोलन बस अड्डे के पास मौजूद हैं और आने-जाने वाले लोगों को तंग परेशान कर रहे हैं।
दुकान में छिपने की कोशिश, पूछताछ पर उलझा आरोपी टीम गांव के बस अड्डे के पास पहुंची तो पुलिस गाड़ी दे दोनों युवक भागने लगे। एक दूसरी तरफ भाग निकला, जबकि दूसरा पास की एक दुकान में घुस गया। पुलिसकर्मियों ने उसको काबू किया तो उसने पहचान रमणदीप सिंह उर्फ लवी के रूप में बताई। एएसआई सुखदेव सिंह ने पूछताछ शुरू की, तो वह अचानक उग्र हो गया। आरोपी पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने लगा और धक्का देकर खुद को छुड़ाकर भागने का प्रयास करने लगा। परिजनों ने पुलिस टीम को घेरा, घूंसे-मुक्के मारकर फाड़ी वर्दी विवाद और शोर-शराबा सुनकर कुछ ही देर में रमणदीप के परिजन व साथी पहुंच गए एएसआई सुखदेव सिंह के अनुसार, मौके पर आरोपी का पिता स्वरूप सिंह, मां अमरजीत कौर, चाचा मनराज सिंह, जगतार सिंह उर्फ मोली और सुखविंदर सिंह उर्फ बब्बी पहुंचे और सभी ने पुलिस कर्मचारियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी और उन पर मुक्कों व घूंसों की बरसात कर दी। हमले में सिपाही लखवीर सिंह की वर्दी के बटन टूट गए। जब एएसआई सुखदेव सिंह अपने साथी सिपाही को बचाने के लिए आगे बढ़े, तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस धक्का-मुक्की और हाथापाई में एएसआई की वर्दी पर लगी नेम प्लेट और पुलिस का लोगो टूटकर नीचे गिर गए। सरकारी गाड़ी पर ईंटों से हमला, जान से मारने की दी धमकी पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान आरोपी रमणदीप सिंह ने पुलिसकर्मियों को ललकारते हुए कहा कि वह हथियार से गोली मारकर उन्हें जान से मार देगा। जब स्थिति बिगड़ने लगी और पुलिस पार्टी वहां से निकलने की कोशिश करने लगी, तो आरोपियों ने सरकारी गाड़ी के आगे आकर उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने पास में पड़ी ईंटें उठाकर सरकारी गाड़ी पर दे मारीं, जिससे गाड़ी के अगले बंपर का बायां हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इतना ही नहीं, हमलावरों ने गाड़ी के शीशों पर मुक्के मारकर उन्हें तोड़ने का प्रयास भी किया। मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने बीच-बचाव करने और आरोपियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को जान से मारने की धमकियां देते हुए गांव की गलियों की तरफ भाग निकले। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज घटना के बाद घायल पुलिसकर्मियों का तुरंत मेडिकल कराया गया। एएसआई सुखदेव सिंह और सिपाही लखवीर सिंह की मेडिकल रिपोर्ट को मामले की जांच में शामिल किया गया है। डॉक्टर द्वारा जारी रिपोर्ट में सिपाही लखवीर सिंह के शरीर पर चार चोटें दर्ज की गई हैं, जिनमें से एक चोट साधारण प्रकृति की है, जबकि तीन चोटों के संबंध में विशेषज्ञों की आगे की चिकित्सकीय राय मांगी गई है। एएसआई सुखदेव सिंह के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर थाना सदर जगराओं की पुलिस ने मुख्य आरोपी रमणदीप सिंह उर्फ लवी, स्वरूप सिंह, अमरजीत कौर, मनराज सिंह, जगतार सिंह उर्फ मोली और सुखविंदर सिंह उर्फ बब्बी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
