राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने गुरुवार को राजस्थान के दो प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। सतीश पूनिया वर्तमान में हरियाणा प्रभारी और अलका गुर्जर राष्ट्रीय सचिव हैं। अलका गुर्जर ने टिकट की घोषणा के बाद कहा कि मैं पार्टी की वीसी में थी। तब मुझे केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कॉल करके टिकट मिलने की जानकारी दी। दरअसल, राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। विधायकों की संख्या के गणित के हिसाब से बीजेपी दो सीटों पर ही चुनाव जीत सकती है। तीन सीटों पर 18 जून को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का 21 जून को कार्यकाल पूरा हो रहा है, इस कारण तीन सीट खाली हो रही है। दो बड़े वोट बैंक को मैसेज देने का प्रयास सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने राजस्थान के दो बड़े वोट बैंक को मैसेज देने का प्रयास किया है। सतीश पूनिया के जरिए जाट और अलका गुर्जर के जरिए गुर्जर वोटर्स को साधने की रणनीति है। दोनों ही नेता लंबे समय से पार्टी से जुड़े हैं, संगठन में कई पदों पर काम कर चुके हैं। सतीश पूनिया को राज्यसभा टिकट के सियासी मायने सतीश पूनिया बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष रहने के साथ संगठन में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद पूनिया को हाईकमान ने अन्य राज्यों में जिम्मेदारी दी। बिहार चुनावों में जिम्मेदारी देने के बाद उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया। अब उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर पार्टी के भीतर भी मैसेज दिया है। अलका गुर्जर एक बार विधायक रह चुकीं अलका गुर्जर लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं, एक बार विधायक रह चुकी हैं। अलका गुर्जर का परिवार बीजेपी से जुड़ा रहा है। उनके पति डॉ नाथू सिंह गुर्जर बीजेपी सरकार के वक्त मंत्री रह चुके हैं। नाथू सिंह गुर्जर बीजेपी में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं। एक सीट पर जीत के लिए 51 वोट चाहिए मौजूदा संख्या बल के हिसाब से बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिल रही है। एक सीट पर जीत के लिए 51 विधायक चाहिए। बीजेपी के दो राज्यसभा सीटें जीतने के ही समीकरण हैं। तीसरी सीट के लिए बीजेपी को 35 दूसरे दलों के विधायकों के वोट चाहिए। जो मौजूदा राजनीतिक हालात में लगभग असंभव है। आरएलडी बीजेपी के साथ है, बीजेपी अगर आठ निर्दलीयों, 2 बसपा, 4 बीटीपी के वोट भी लेने में कामयाब रहती है तो भी तीसरे उम्मीदवार के लिए 20 विधायकों के वोट कम पड़ेंगे। … ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान से बीजेपी मूल ओबीसी को भेज सकती है राज्यसभा:सतीश पूनिया, राजेंद्र राठौड़ और अलका गुर्जर का नाम भी पैनल में शामिल