राजस्थान में अब निजी क्षेत्र की तर्ज पर वन क्षेत्र के विस्थापित परिवारों के लिए टाउनशिप विकसित की जाएगी। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड से उन कॉलोनियों को डेवलप किया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को वहां शिफ्ट होने के दौरान परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वन मंत्री संजय शर्मा ने सोमवार को सवाई माधोपुर के एक होटल में आयोजित CSR कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से विस्थापितों को जो जमीन आवंटित की जाती है, वहां पानी, बिजली, कॉलेज और रास्तों समेत अन्य सुविधाओं का अभाव होता है, जिससे प्रभावित परिवार वहां जाने से हिचकते हैं। इसी कारण उद्योगपतियों से अपील की है कि वे सीएसआर फंड के तहत उन कॉलोनियों को विकसित कर वहां सुविधाएं को बढ़ाएं। इसमें वन विभाग और सरकार तो प्रभावितों को आर्थिक सहयोग करेगी, लेकिन सीएसआर फंड से भी कॉलोनियों को विकसित किया जा सकेगा। दरअसल, वन विभाग की ओर से वन और वन्यजीव संरक्षण के लिए 2 दिवसीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे। जबकि अध्यक्षता वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने कीं। वहीं विशिष्ट अतिथि अरिजीत बनर्जी रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर से आए उद्योगपति और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह का 11 बजे उद्धघाटन सत्र के साथ हुई। कार्यक्रम की शुरुआत वन मंत्री संजय शर्मा व अन्य अतिथियों ने दीपक जलाकर की। बिना नर्सरी जाए ऑनलाइन पौधे मंगवाने की व्यवस्था शुरू
वन मंत्री ने कहा कि सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार में वन और वन्यजीव संरक्षण को लेकर बेहतर काम किया जा रहा है। देश में पहली बार बिना नर्सरी जाए भी लोग ऑनलाइन पौधे मंगवाने की व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही पहली बार संभाग स्तर पर वन मेले लगाए गए, इन्हें आगामी समय में जिला स्तर पर भी आयोजित किया जाएगा। वन मंत्री ने उद्योगपतियों से कहा- वन विभाग को जब भी फंड की जरूरत हुई, आप लोगों ने विशेष सहयोग किया। वन विभाग को समय समय पर वाहन, संसाधन उपलब्ध करवायें। सहयोग से जंगल में वन चौकियां स्थापित की गई। इसके बाद उन्होंने उद्योगपतियों से जंगलों से विस्थापित होने वाले गांवों की मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि साल 2022 में वन विभाग की ओर से विस्थापित परिवारों के पैकेज में बढ़ोतरी की है, लेकिन यह काफी नहीं है। इस मौके पर रणथंभौर टाइगर रिजर्व के सीसीएफ शारदा प्रताप, डीएफओ मानस सिंह सहित अन्य अफसरों की भी मौजूदगी रही।
