जयपुर के जलमहल पर पर्यटकों की भीड़ थी। एक अजनबी युवक महिला के पास आया और बोला- चलिए मैडम! आपको आइसक्रीम खिलाता हूं। महिला ने अपनी टीम को इशारा किया और कुछ ही देर बाद वो युवक हवालात में था। क्योंकि उसे नहीं पता था, जिस महिला से वो बदतमीजी कर रहा है, वो ‘कालिका पेट्रोलिंग’ यूनिट की पुलिसकर्मी है। छेड़छाड़ की बढ़ती शिकायतों को लेकर राजस्थान पुलिस ने 14 और 15 मई को विशेष अभियान चलाया। महिला पुलिसकर्मियों को सिविल ड्रेस में संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया। आम महिलाओं की तरह मौजूद इन पुलिसकर्मियों ने प्रदेशभर में 140 बदमाशों को पकड़ा। भास्कर ने इन महिला पुलिसकर्मियों से बात की और जाना कि किस तरह महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर परेशानी का सामना करना पड़ता है… कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मी मुकेश कसाना ने बताया सिविल ड्रेस में ड्यूटी के दौरान कई बार छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार करने की कोशिश की जाती है। यही उनकी रणनीति का हिस्सा है। सामने वाले को पता नहीं होता कि हम पुलिसकर्मी हैं। जैसे ही वह अभद्र हरकत करता है, हम उसे रंगे हाथों पकड़ लेते हैं। शराब पी रहे युवकों ने की अश्लील टिप्पणियां पुलिसकर्मी शर्मिला ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ जलमहल के ऊपरी क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थीं। टीम में चार महिला पुलिसकर्मी और दो मेल पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे। जंगल की तरफ कुछ युवक शराब पी रहे थे। टीम की महिलाकर्मियों को देखकर अशोभनीय टिप्पणियां करने लगे। हमने उनको जाकर पकड़ा और ब्रह्मपुरी थाने भिजवाया गया। बस में युवती को परेशान कर रहा था युवक महिला पुलिसकर्मी सुनीता ने बस में सफर के दौरान देखा कि एक युवक बगल में बैठी युवती को लगातार कोहनी मारकर परेशान कर रहा था। लड़की सहमी हुई बैठी थी। आसपास के लोग भी चुप थे। आरोपी को नहीं पता था कि उसके पास पुलिसकर्मी बैठी है। जब सुनीता ने उसे रोका तो युवक ने पूछा- तुम कौन होती हो? सुनीता ने अपना पुलिस पहचान पत्र दिखाया और युवक को थाने ले जाकर कार्रवाई की। इसी तरह महिला पुलिसकर्मी संगीता के पास एक छात्रा का फोन आया। उसने बताया कि कुछ युवक रोज बस में उससे बदतमीजी करते हैं। गंदी-गंदी बातें बोलते हैं। ऐसा दो तीन दिन से लगातार हो रहा है। सूचना मिलते ही कालिका टीम दादी का फाटक पहुंची और छात्रा की निशानदेही पर आरोपियों को पकड़ लिया। मासूम बच्ची को अकेले बुलाया, जोर-जबरदस्ती की पड़ताल के दौरान भास्कर रिपोर्टर को एक वीडियो मिला। वीडियो में दिखाई दे रहा युवक एक स्कूली छात्रा को कई दिनों से परेशान कर रहा था। वह उसे अकेले मिलने के लिए दबाव बना रहा था। एक दिन उसने बच्ची के साथ जोर-जबरदस्ती की कोशिश की। बच्ची ने विरोध किया और उसकी शर्ट पकड़ ली, जिससे कपड़ा फट गया। इसी दौरान छात्रा ने कालिका यूनिट को फोन कर दिया था। कुछ ही देर में महिला पुलिसकर्मी सुशीला मौके पर पहुंचीं। पुलिस को आरोपी की फटी शर्ट का कपड़ा भी मिला, जो घटना का अहम सबूत बना। स्कूल की बच्चियों का पीछा करने वाला युवक कैमरे में कैद एक अन्य वीडियो में दिख रहा युवक स्कूल जाने वाली बच्चियों का पीछा कर रहा था। बच्चियों की शिकायत पर महिला पुलिसकर्मी शर्मिला और नीलम मौके पर पहुंचीं। पकड़े जाने पर आरोपी जोर-जोर से चिल्लाने लगा और कहने लगा कि उसे बेवजह परेशान किया जा रहा है। तभी बच्चियों ने पुलिसकर्मी को बताया कि ये युवक रोज उनका पीछा करता है। बच्चियां काफी घबराई हुई थीं। इसके बाद पुलिसकर्मी महिला ने उन्हें संभाला और घर भेजा। युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। 48 घंटे में प्रदेशभर में कार्रवाई विशेष अभियान में जयपुर पुलिस आयुक्तालय में 17, खैरथल-तिजारा में 14, कोटपूतली-बहरोड़ में 11, हनुमानगढ़, झुंझुनूं और बूंदी में 10-10, डूंगरपुर और सवाईमाधोपुर में 9-9 तथा जोधपुर पुलिस आयुक्तालय और भिवाड़ी में 8-8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा भी कई जिलों में कार्रवाई की गई। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट क्या है? कालिका पेट्रोलिंग यूनिट महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए गठित विशेष पुलिस टीम है। यह टीम सिविल ड्रेस में काम करती है। स्कूल-कॉलेज, बस स्टैंड, पार्क और पर्यटन स्थलों पर निगरानी रखती है। हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों पर तुरंत मौके पर पहुंचती है और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ती है।
