मानसा के तहसील कार्यालय में जनगणना 2026 की किट लेने पहुंचे जिले भर के सरकारी शिक्षकों को भारी अव्यवस्था और प्रशासनिक नाकामी का सामना करना पड़ा। उचित प्रबंध न होने से नाराज अध्यापकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तहसील परिसर में ही जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। घंटों परेशान रहे शिक्षक, मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव अध्यापक नेताओं हरदीप सिंह, सुखराज सिंह, बलजिंदर सिंह, रवनीत कौर और सुखबीर सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा जनगणना 2026 के काम के लिए शिक्षकों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। इसी सिलसिले में उन्हें किट लेने के लिए तहसीलदार कार्यालय बुलाया गया था। लेकिन यहां उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। शिक्षकों को चिलचिलाती गर्मी में घंटों तक लाइनों में परेशान होना पड़ा। पीने के साफ पानी, बैठने की उचित व्यवस्था और गर्मी से राहत के लिए पंखों तक का इंतजाम नहीं था। महिला शिक्षकों और बच्चों को हुई भारी दिक्कत अध्यापक नेताओं ने बताया कि इस किट वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला शिक्षक भी पहुंची थीं। इनमें से कई महिला अध्यापक अपने छोटे बच्चों को भी साथ लाने पर मजबूर थीं, जिन्हें बुनियादी सुविधाएं न मिलने के कारण भारी असुविधा और परेशानी झेलनी पड़ी। दूर-दराज ड्यूटियां और पहचान पत्र न मिलने से बढ़ी नाराजगी शिक्षकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई अध्यापकों की जनगणना ड्यूटी उनके निवास स्थान (घर) से 30 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर लगा दी गई है, जिससे उन्हें आने-जाने में भारी दिक्कत होगी। इसके साथ ही, कई शिक्षकों को ड्यूटी पर तैनात होने के बावजूद अभी तक उनके आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) भी जारी नहीं किए गए हैं, जिससे फील्ड में काम करते समय उन्हें अतिरिक्त कानूनी और व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी शिक्षक नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासनिक अनदेखी और तहसील दफ्तर की बदइंतजामी के कारण ही उन्हें मजबूरी में जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलकर नारेबाजी करनी पड़ी है। उन्होंने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ड्यूटियों में सुधार, पहचान पत्र जारी करने और अन्य समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में सभी शिक्षक संगठन मिलकर अपने इस विरोध प्रदर्शन को और ज्यादा तेज करेंगे।