जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में पेयजल गुणवत्ता, जल जीवन मिशन और ग्रामीण क्षेत्रों की योजनाओं की समीक्षा; टैंकर व्यवस्था और पानी के नमूनों की नियमित जांच के दिए निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में हुई अहम बैठक बूंदी जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में बुधवार को जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में भीषण गर्मी को देखते हुए जिले में आमजन को शुद्ध और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने जल स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (PHED) और जिला प्रशासन को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए। पानी की गुणवत्ता पर विशेष फोकस कलेक्टर ने कहा कि आमजन को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति में उपयोग किए जा रहे पानी की नियमित जांच करवाने के निर्देश दिए। साथ ही, जांच में फेल होने वाले पानी के नमूनों पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिले की सभी बर्फ फैक्ट्रियों और कैंपर उपलब्ध कराने वाले उद्योगों की सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों की नियमित जांच के भी निर्देश दिए, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा, कार्य में तेजी के निर्देश बैठक में जिले की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ओटीएमपी (OTMP) के तहत शेष बचे गांवों में बेहतर कार्ययोजना बनाकर ग्रामीणों को जल्द योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। गरड़दा, नौनेरा और हिंडौली-नैनवां सहित अन्य पेयजल परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उन्होंने कार्य प्रगति बढ़ाने को कहा, ताकि गर्मी के दौरान लोगों को समय पर पर्याप्त पेयजल मिल सके। ‘हर घर जल’ योजना पर पंचायत स्तर पर समन्वय जल जीवन मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्यों और अब तक की प्रगति की जानकारी भी बैठक में ली गई। कलेक्टर ने ‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल कनेक्शन कार्य को पंचायत स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल टैंकरों की मांग है, वहां विभाग तत्काल टैंकर व्यवस्था सुनिश्चित करे। इसके अलावा खराब पड़े हैंडपंप और ट्यूबवेल को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाने के निर्देश भी दिए गए। ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, जल स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार शर्मा, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता सीपी गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
