ब्यावर जिले के लगेतखेड़ा गांव निवासी अग्निवीर युवराज सिंह चौहान (26) बुधवार को जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। उनकी पार्थिव देह शुक्रवार को गांव आने की संभावना है। शुक्रवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिता प्रताप सिंह को बुधवार सुबह आर्मी हेडक्वार्टर से फोन करके युवराज के शहीद होने की सूचना दी गई थी। युवराज की शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक छा गया। युवराज 17 फरवरी 2022 को भारतीय सेना में बतौर अग्निवीर भर्ती हुए थे। वे अखनूर सेक्टर में तैनात थे। एक दिन पहले हुई थी परिजन से बातचीत पिता ने बताया- युवराज 15 फरवरी 2026 को एक महीने की छुट्टी पर गांव आए थे। 19 मार्च 2026 को फिर से अखनूर लौटे थे। इस दौरान उन्होंने बताया था कि अब केवल चार महीने की सर्विस (ड्यूटी) बची है। परिजन ने बताया कि युवराज ने 5 मई की रात ड्यूटी पर जाने से पहले फोन किया था। उन्होंने पूरे परिवार के हाल-चाल भी पूछे थे। हमने बुधवार सुबह 11 बजे कॉल किया था, लेकिन फोन बंद आ रहा था। युवराज के एक छोटा भाई और बहन है। उनके पिता प्रताप सिंह बीजेपी के मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। सेना में भर्ती होकर सपना साकार किया युवराज सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सैकड़ों ग्रामीण शहीद के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि युवराज सिंह बचपन से ही देश सेवा का जज्बा रखते थे। उन्होंने सेना में भर्ती होकर अपने सपने को साकार किया था।
