अजमेर जिले में कारोबारी के घर IT अफसर बनकर घुसे बदमाश 13 मिनट में करीब 3 करोड़ की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने तीन घंटे में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। वारदात में कारोबारी का पूर्व कर्मचारी भी शामिल है। स्कॉर्पियो से 7 बदमाश ट्रांसपोर्ट और मोटर पार्ट्स कारोबारी अनिल माहेश्वरी के घर पहुंचे। गेट के बाहर गाड़ी खड़ी करके 5 आरोपी IT अफसर बनकर कारोबारी के घर में घुसे। दो गाड़ी में ही बैठे रहे। कारोबारी के बेटे और परिवार की महिलाओं को जांच करने की बात कहकर अलमारी के लॉकर से सोने के जेवर निकालकर फरार हो गए। बिजनेसमैन के पूर्व कर्मचारी देवेंद्र पुत्र अशोक कुमार निवासी आदर्श नगर ने दोस्तों के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची थी। वह खुद नहीं गया था। सात दोस्तों को स्कॉर्पियो से भेजा था। रास्ते में उनसे मिला माल बांटकर सभी अलग-अलग दिशा में चले गए थे। सूचना पर थाना प्रभारी राधेश्याम चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी के फुटेज चेक किया तो बदमाश गाड़ी से उतर कर कारोबारी के घर में जाते दिखे। पुलिस ने नाकाबंदी करके 3 घंटे में स्कॉर्पियो से गए 5 बदमाशों और साजिशकर्ता देवेंद्र को अलग-अलग ठिकानों से पकड़ लिया। मामला नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र के दिलवाड़ा बाइपास स्थित महेश विहार कॉलोनी शुक्रवार सुबह 11:30 बजे का है। घटना के दौरान ट्रांसपोर्ट और मोटर पार्ट्स कारोबारी अनिल माहेश्वरी, उनके भाई और पिता ऑफिस गए हुए थे। गिरफ्तार पूर्व कर्मचारी देवेंद्र पांच साल पहले कारोबारी के यहां नौकरी कर चुका था। वहीं तीन आरोपी प्रॉपर्टी डीलर हैं। पुलिस के अनुसार- आरोपियों ने बॉलीवुड फिल्म स्पेशल 26 से प्रेरित होकर इस तरह की साजिश रची थी। हालांकि लूटे गए माल की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। सीसीटीवी फुटेज में दिखे लुटेरे घर में घुसते ही परिवार के मोबाइल लिए एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया- नसीराबाद में शुक्रवार सुबह 11:30 बजे बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में करीब 3 करोड़ रुपए की डकैती की। बदमाशों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया और जांच के नाम पर घर में घुसे। तब घर में कारोबारी की पत्नी, उनका बेटा कार्तिक और काम करने वाली महिला मौजूद थी। वहीं कारोबारी अनिल माहेश्वरी, उनके भाई और पिता अपने ऑफिस गए हुए थे। रेड मारने और तलाशी लेने का झांसा देकर घर में घुसे बदमाशों ने पहले परिवार के मोबाइल फोन कब्जे में लिए। इसके बाद घर के कमरों की तलाशी ली और करीब 3 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात व सिक्के ले लिए। बदमाश जब जेवर लेकर घर से निकलने लगे तो कारोबारी का बेटा कार्तिक भी उनके पीछे स्कॉर्पियो तक पहुंच गया। उसने गाड़ी के अंदर जाने की कोशिश की। आरोपियों से कहा कि यदि वे सरकारी विभाग से हैं, तो ले जाए जा रहे सामान की जब्ती की रसीद दें, लेकिन आरोपियों ने स्कॉर्पियो तेजी से आगे बढ़ा दी और गेट बंद कर मौके से फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में पुलिस ने नाकाबंदी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की। कारोबारी के यहां पहले नौकरी कर चुका था आरोपी एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के अनुसार- वारदात की साजिश करीब एक महीने पहले रची गई थी। इसके बाद संजय ने अपने साथियों के साथ मिलकर 6 अन्य आरोपियों को भी इस साजिश में शामिल किया। पुलिस ने आरोपी देवेंद्र पुत्र अशोक कुमार निवासी आदर्श नगर, संजय रावत पुत्र अमर सिंह निवासी आदर्श नगर, रविकांत उर्फ रवि पुत्र फतेह सिंह निवासी अलवर गेट, अमित पुत्र देवेंद्र निवासी आदर्श नगर, तारू पुत्र मदन निवासी आदर्श नगर, देवा उर्फ देवेंद्र सिंह रावत पुत्र ज्ञान सिंह रावत निवासी आदर्श नगर को गिरफ्तार किया है। वारदात में शामिल देवेंद्र पुत्र अशोक कुमार ने वर्ष 2016 से 2021 तक कारोबारी के घर पर काम किया था, जबकि संजय रावत भी उसे पहले से व्यावसायिक रूप से जानता था। इसी जानकारी के आधार पर बदमाशों ने घर को निशाना बनाने की योजना बनाई और लगातार रेकी की। आरोपियों ने पहले विभाग को सूचना देकर इनाम हासिल करने के बारे में सोचा था, लेकिन बाद में खुद ही फर्जी अधिकारी बनकर डकैती डालने की योजना बना ली। वारदात को अंजाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर टैक्सी भी हायर की गई थी। CCTV फुटेज और मुखबिरों की मदद से कार्रवाई आईजी अजमेर रेंज के निर्देशन में एसपी ने विशेष टीमों का गठन किया। अतिरिक्त एसपी केकड़ी, सीओ नॉर्थ, सीओ केकड़ी और सीओ नसीराबाद के सुपरविजन में पुलिस टीमों ने काम शुरू किया। जिलेभर में ए-श्रेणी की नाकाबंदी करवाई गई। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों की तलाश की। इसके बाद अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर 3 घंटे में 6 मुख्य आरोपियों को राउंडअप कर लिया। जेवरात बरामद करने के लिए दबिश एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया- आरोपियों में कुछ प्रॉपर्टी डीलिंग और कुछ निजी नौकरी से जुड़े हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार- उनका पहले कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। आरोपियों ने लूटे गए जेवरात अलग-अलग स्थानों पर छिपाए हैं। पुलिस टीमें बरामदगी के लिए दबिश दे रही हैं। सफेद कपड़े, और दस्ताने पहनकर पहुंचे थे आरोपी बदमाशों ने सफेद कपड़े पहन रखे थे। एक-दो आरोपियों के हाथ में कागजात और फाइलें थीं, जबकि एक व्यक्ति ने सफेद दस्ताने पहन रखे थे। इस तरह वे घरवालों को अधिकारी होने का विश्वास दिलाकर अंदर दाखिल हुए और तलाशी के बहाने वारदात को अंजाम दिया। आरोपी चार जोड़ी सोने की चूड़ियां, एक जोड़ी पाटले, एक सोने का हार और तीन मोबाइल ले गए। पुलिस ने नाकाबंदी कर कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। (इनपुट सहयोग-सुधीर मित्तल, रियाज अहमद नसीराबाद)