बारां शहर की कृषि उपज मंडी में लहसुन की लगातार बढ़ती आवक के कारण व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। मंडी में नीलामी के लिए निर्धारित कवर्ड शेड भर जाने के बाद अतिरिक्त शेड का उपयोग करना पड़ा। इसके बावजूद अधिक स्टॉक जमा होने पर मंडी प्रशासन ने लहसुन की नई एंट्री पर एक बार फिर रोक लगा दी है। हालांकि, अन्य कृषि जिंसों की नीलामी नियमित रूप से जारी रहेगी। इससे पहले 20 मई को भी मंडी में लहसुन की अत्यधिक आवक के चलते एंट्री बंद करनी पड़ी थी। सोमवार दोपहर 3 बजे से दोबारा लहसुन लेकर आने वाले वाहनों की एंट्री शुरू की गई। एंट्री खुलते ही बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों से लहसुन लेकर मंडी पहुंचे। शाम करीब 8 बजे तक लगभग 40 हजार कट्टों की आवक दर्ज की गई। लहसुन व्यापार संघ के अध्यक्ष जगदीश बंसल ने बताया कि मंडी में लहसुन की नीलामी के लिए चार कवर्ड शेड निर्धारित हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही आवक के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। सोमवार को एंट्री शुरू होने के बाद सभी चार शेड भर गए, जिसके बाद एक अतिरिक्त कवर्ड शेड का उपयोग किया गया, लेकिन वह भी भर गया। इसी कारण लहसुन की एंट्री फिर से बंद करनी पड़ी। सोमवार को मंडी में देशी लहसुन के भाव 4 हजार से 12 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक रहे, जबकि ऊटी लहसुन 8 हजार से 18 हजार 500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। अच्छे भाव मिलने से जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से किसान बड़ी मात्रा में लहसुन लेकर मंडी पहुंच रहे हैं।
