हनुमानगढ़ जिले के गोलूवाला में गेहूं खरीद के दौरान बारदाना वितरण में कथित धांधली को लेकर शुक्रवार देर शाम बड़ा विवाद खड़ा हो गया। व्यापारियों ने नैफेड ठेकेदार पर बड़े व्यापारियों को ज्यादा और छोटे व्यापारियों को कम बारदाना देने का आरोप लगाते हुए वितरण केंद्र पर हंगामा कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में हाथापाई की नौबत आ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले, जबकि प्रशासन ने देर रात कार्रवाई करते हुए संबंधित फैक्ट्री को सीज कर दिया। मामले में दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस जांच में जुट गई है। बारदाना वितरण केंद्र पर पहुंच गए व्यापारी जानकारी के अनुसार जिले में कई स्थानों पर बारदाने की कमी के कारण गेहूं खरीद प्रभावित हो रही है। गोलूवाला में व्यापारियों का आरोप था कि नैफेड ठेकेदार की ओर से बारदाना वितरण में पक्षपात किया जा रहा था। छोटे व्यापारियों को पर्याप्त बारदाना नहीं मिल रहा था, जबकि बड़े व्यापारियों को प्राथमिकता दी जा रही थी। कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं होने से नाराज व्यापारी शुक्रवार शाम सीधे नैफेड ठेकेदार द्वारा संचालित फैक्ट्री में बने वितरण केंद्र पर पहुंच गए। यहां पहुंचते ही व्यापारियों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बहस बढ़ी, हाथापाई तक पहुंचा मामला देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हाथापाई की स्थिति बन गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंडी समिति सचिव सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया और पूरे मामले की जानकारी ली। देर रात फैक्ट्री पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई विवाद और शिकायतों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने देर रात संबंधित फैक्ट्री को सीज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर में नैफेड के करीब 44 हजार खाली बारदाने के बैग मिले। इसके अलावा आरएफसी और एफसीआई के बैग भी वहां पाए गए। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है कि बारदाने के वितरण में कहीं अनियमितता या गड़बड़ी तो नहीं हुई। दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत घटना के बाद दोनों पक्षों ने गोलूवाला थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायतें स्वीकार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी उधर, व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बारदाना वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और छोटे व्यापारियों के साथ भेदभाव जारी रहा तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि बारदाने की कमी के कारण गेहूं खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिले में बारदाने की कमी बना बड़ा मुद्दा गौरतलब है कि जिले के कई खरीद केंद्रों पर बारदाने की कमी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे गेहूं खरीद की रफ्तार प्रभावित हो रही है। ऐसे में गोलूवाला का यह विवाद अब प्रशासन और खरीद एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।