जालोर में पांच साल से चली आ रही बाईपास निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण एमडीआर मार्ग पर एकत्रित हुए और सांथू-आकोली मुख्य मार्ग पर सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक बाईपास निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीच से गुजरने वाला एमडीआर मार्ग लगातार हादसों का कारण बन रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क की कम चौड़ाई के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दो दिन पहले भी सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। मामला जिले के नून गांव का है। पांच साल से बाईपास की मांग अब तक पूरी नहीं प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से बाईपास की मांग की जा रही है। कई बार लिखित और मौखिक रूप से प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बाईपास बनने से गांव के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही बंद होगी। दुर्घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। सरपंच प्रतिनिधि हमीर सिंह ने बताया- पिछले करीब पांच वर्षों से बाईपास निर्माण की मांग लगातार उठाई जा रही है। शुरुआत में प्रशासन ने भूमि उपलब्ध नहीं होने का कारण बताया था। इसके बाद ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर बाईपास के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई। पंचायत की ओर से सैटेलाइट सर्वे के आधार पर प्रस्तावित बाईपास का नक्शा तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा गया। इसके अलावा राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को भी प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सड़क जाम और टायर जलाकर प्रदर्शन किया उन्होंने बताया कि बाईपास के लिए भूमि आवंटन सहित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर कार्य आगे नहीं बढ़ाया गया। गांव की आबादी के बीच से गुजर रही एमडीआर सड़क की चौड़ाई मात्र 7 से 8 फुट है, जबकि इस मार्ग पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में छोटे-बड़े सड़क हादसे आम बात बन गए हैं और ग्रामीणों की जान हर समय जोखिम में रहती है। जिससे नाराज लोगों ने शुक्रवार को ग्रामीधों ने एकत्रित होकर 9 बजे धरना शुरू किया और 10 बजे नून में सांथू-आकोली जाने वाली सड़क जाम और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। जिससे सांथू-आकोली मुख्य मार्ग पर करीब छह घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तहसीदार ने की ग्रामीणों से समझाइश सूचना मिलने पर जालौर तहसीलदार अर्जुन सिंह चौहान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें समझाइश दी। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि बाईपास निर्माण से संबंधित सैटेलाइट मैप और लंबित राजस्व प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से पूरा करवाकर बाईपास के प्रस्ताव का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। तीन घंटे बाद आंदोलन समाप्त हुआ तहसीलदार के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब 3 बजे अपना आंदोलन समाप्त करते हुए सड़क जाम खोल दिया और करीब छह घंटे बाद एमडीआर मार्ग पर यातायात पुनः सुचारु हो सका। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो भविष्य में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ये खबर भी पढ़िए … मामा से मिलकर लौट रहे मौसेरे-भाइयों को ट्रक ने रौंदा:हादसे से पहले इंस्टाग्राम पर लिखा था- बार-बार चोट खाने से तो पत्थर भी टूट जाते हैं जालोर के बागरा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम हुए सड़क हादसे में दो मौसेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों अपने मामा के घर से मिलकर बाइक पर वापस लौट रहे थे। इस दौरान रामदेवजी मंदिर के पास एक ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पूरी खबर पढ़िए…
