यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली निजी ट्रैवल बसों के खिलाफ मंगलवार देर शाम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला परिवहन कार्यालय की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। शहर के खाटूश्याम मंदिर क्षेत्र के पास जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बांसवाड़ा से जयपुर जा रही 5 स्लीपर बसों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित दवे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पीयूष चौधरी और जिला परिवहन अधिकारी (DTO) पंकज शर्मा के नेतृत्व में की गई। जांच में कई बसों में परमिट नियमों की अनदेखी, सुरक्षा मानकों की कमी और अन्य खामियां सामने आईं। जांच के दौरान कुछ बसों में इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था सही नहीं मिली, सीटिंग क्षमता नियमों के अनुरूप नहीं थी और सुरक्षा के लिए जरूरी हथौड़े (हैमर) भी नहीं पाए गए। इसके अलावा कुछ बसों में अंदर से पैक ग्लास जैसी कमियां भी मिलीं। बीच रास्ते में थमे सफर, यात्रियों को हुई परेशानी अचानक हुई कार्रवाई के कारण बसों में सफर कर रहे करीब 150 यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बसें जब्त होने के बाद यात्री घंटों तक अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए इंतजार करते रहे। DTO पंकज शर्मा ने बताया कि यात्रियों की परेशानी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। रोडवेज बसों की व्यवस्था कर सभी यात्रियों को जयपुर के लिए रवाना किया गया। अधिकारियों ने बताया कि बिना वैध दस्तावेजों और नियमों के विरुद्ध संचालित होने वाले व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने वाले वाहन संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।