बांसवाड़ा में छिपे बैठे मध्यप्रदेश पुलिस के 15 स्थायी वारंटियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसमें 31 साल से फरार 92 साल का एक बुजुर्ग आरोपी भी शामिल है। वहीं, रतलाम पुलिस ने भी अपने यहां छिपे राजस्थान पुलिस के 9 स्थायी वारंटियों को पकड़ा है। कार्रवाई बांसवाड़ा और मध्यप्रदेश की रतलाम पुलिस के संयुक्त ‘काउंटर नारकोटिक्स ऑपरेशन’ अभियान के तहत की गई। बांसवाड़ा एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि 1995 के एक मामले में पिछले 31 साल से फरार चल रहे 92 साल के आरोपी उदयलाल पुत्र हुकिया को पकड़ा है। उसे गिरफ्तार कर मध्यप्रदेश पुलिस को सौंप दिया है। डीजीपी और आईजीपी कॉन्फ्रेंस 2022 के बिंदुओं की अनुपालना में अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यह साझा अभ्यास किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और लंबे समय से फरार चल रहे वांछित अपराधियों की धड़पकड़ सुनिश्चित करना है। दोनों जिलों में हुई उच्चस्तरीय समन्वय बैठकें
बता दें कि 31 अगस्त को बांसवाड़ा और रतलाम पुलिस के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठकें हुईं थीं। बांसवाड़ा में एसपी सुधीर जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मध्यप्रदेश के वांछित अपराधियों की तलाश पर रणनीति बनी। इसके बाद 1 सितंबर को एसपी सुधीर जोशी, एएसपी नरपत सिंह और डीएसपी घाटोल देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में बांसवाड़ा में ताबड़तोड़ दबिश दी गई। इसी प्रकार रतलाम में भी एसपी अमित कुमार की अध्यक्षता में समन्वय बैठक हुई, जिसके तहत रतलाम पुलिस ने राजस्थान के 9 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर बांसवाड़ा पुलिस को सौंपा है।
