पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर किसान गेनाराम के सुसाइड करने बाद भाई को यकीन नहीं है कि वो ऐसा कर सकता है? भाई ने कहा- जो पिता बच्चों की हर छोटी-छोटी खुशी का ख्याल रखता था, उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था। समझ ही नहीं आ रहा… जो अपने बच्चों से इतना प्यार करता था, उनके लिए जीता था, वही उनकी जान कैसे ले सकता है। इतना कहते-कहते उनकी आंखें भर आईं। रुंधे गले से उन्होंने कहा- बेटी को पढ़ाकर टीचर बनाना चाहता था। उसे बेटे और बेटी, दोनों से बहुत प्यार था। वह बच्चों की हर छोटी-बड़ी इच्छा पूरी करने की कोशिश करता था। पहले समझे … क्या है पूरा मामला घटना फलोदी जिले के देचू थाना में 30 जून को हुई थी। पाली जिले के बीठू गांव (रोहट) के रहने वाले किसान गेनाराम (35), उसकी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) और बेटे किशन (10) के शव फतेहगढ़ क्षेत्र स्थित उनके कृषि कुएं पर बने घर में मिले थे। गेनाराम का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला, जबकि पत्नी और दोनों बच्चों के शव पास में खाट पर पड़े थे। 1 जुलाई को चारों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। घटना से एक दिन पहले गेनाराम अपनी पत्नी के साथ बीठू गांव स्थित मंदिर में दर्शन कर उसकी सलामती की कामना करने गया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई कि गेनाराम ने पहले पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या की, इसके बाद खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अब पढ़िए … किसान के भाई की जुबानी 1. बेटी को टीचर बनाना चाहता था, ट्रैक्टर चलाना भी खुद सिखाया चेनाराम ने बताया – उनकी भतीजी खुशबू देचू के सरकारी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती थी और पढ़ाई में बहुत होशियार थी। गेनाराम को उस पर बहुत गर्व था। वह अक्सर कहता था – मेरी खुशबू पढ़ाई में बहुत तेज है, मैं उसे खूब पढ़ाऊंगा और टीचर बनाऊंगा। एक दिन खुशबू ने ट्रैक्टर चलाना सीखने की जिद की तो गेनाराम खुद उसे ट्रैक्टर चलाना सिखाने लगा। वह मुस्कुराकर कहता था- आज मेरी बेटी ट्रैक्टर चला रही है, कल टीचर बनेगी तो कार भी चलाएगी। उसने बेटे-बेटी दोनों के बेहतर भविष्य के कई सपने देख रखे थे। 2. बच्चों की हर जिद पूरी करता, खेत में झूला भी बांध रखा था चेनाराम ने बताया – गेनाराम अपने दोनों बच्चों पर जान छिड़कता था। बेटे किशन से उसका लगाव कुछ अलग ही था। वह दिन-रात खेत में मेहनत करता, ताकि बच्चों को किसी चीज की कमी न रहे। चाहे कितना भी थककर घर लौटे, लेकिन अगर खुशबू रील बनाने या फोटो खिंचवाने की जिद करती तो कभी मना नहीं करता। खेत में ही बच्चों के लिए झूला बांध रखा था, ताकि वे खेलते रहें और वह काम करते-करते उन्हें देखकर खुश होता रहे।
3. पानी-पूरी की जिद भी तुरंत पूरी की, बच्चों की खुशी में ही खुश रहता था चेनाराम ने बताया – कुछ दिन पहले बेटे और बेटी ने पानी-पूरी खाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद गेनाराम बाजार से उनके लिए ढेर सारी पानी-पूरी लेकर आया। उसने बच्चों से हंसते हुए कहा था- पेट भरकर खाओ… मेरे बच्चों की हर इच्छा पूरी होगी। बच्चों की खुशी ही उसकी सबसे बड़ी खुशी थी। 4. पत्नी की तबीयत खराब थी, कुलदेवी के दर्शन की भी सलाह दी थी चेनाराम ने बताया – करीब एक सप्ताह पहले उन्हें पता चला था कि गेनाराम की पत्नी की तबीयत खराब है। उन्होंने गेनाराम से कहा था कि पहले उसे अस्पताल दिखाओ और फिर कुलदेवी के दर्शन भी कर आओ, ताकि सब कुछ ठीक हो जाए। तीनों भाई (गेनाराम, चेनाराम और शिवाराम) देचू क्षेत्र में अपने-अपने कृषि कुओं पर परिवार के साथ रहते थे और खेती-बाड़ी कर परिवार चलाते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। 5. आज भी यकीन नहीं हो रहा कि ऐसा कैसे हो गया चेनाराम ने कहा – यही वजह है कि पूरा परिवार इस घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। जो पिता बच्चों की हर छोटी-छोटी खुशी का इतना ख्याल रखता था, उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था, वही इतना खौफनाक कदम कैसे उठा सकता है। इतना कहते-कहते उनकी आंखें भर आईं। रुंधे गले से उन्होंने कहा- समझ ही नहीं आ रहा… जो अपने बच्चों से इतना प्यार करता था, उनके लिए जीता था, वही उनकी जान कैसे ले सकता है। —- घटना से जुड़ी खबरें ‘मालूम होता बेटे-बहू की लाश आएगी तो जाने नहीं देती’:मां बोलीं- बहू की सेवा भी मैं कर दूंगी, नहीं माना; अगले दिन मौत की खबर आई पति-पत्नी और बेटा-बेटी का एक चिता पर अंतिम संस्कार:बिलख पड़े लकवाग्रस्त पिता, मां बोलीं-बुढ़ापे में बेटे-पोतों की लाश देखनी पड़ रही पत्नी, बेटे-बेटी की हत्या कर किसान ने सुसाइड किया:महिला पर बताया था भूत-प्रेत का साया; फर्श पर पड़े मिले शव पत्नी और 2-बच्चों की हत्या कर पति ने किया सुसाइड:गेनाराम पति-बच्चों के साथ कल आया था बीठू, मंदिर दर्शन कर शाम को वापस गया, सुबह मिली चारों की बॉडी