जोधपुर की साइबर थाना पुलिस ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 7 लाख 70 हजार रुपए नगद बरामद किए गए। आरोपी एडम कैपिटल कंपनी नाम से जोधपुर में प्रत्येक माह 5 करोड रुपए का निवेश करवाते थे।
साइबर थाने के सहायक पुलिस आयुक्त पदमदान चारण ने बताया कि पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के नेतृत्व में बढ़ती साइबर घटनाओं को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत टीम ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। टीम ने न्यू पावर हाउस रोड जोधपुर पर एक बिल्डिंग में चल रहे एडम कैपिटल नाम की विदेशी कंपनी के ऑफिस पर दबिश दी। यहां से दो आरोपी दीपक पाल सिंह और निर्मल कुमार को दस्तयाब किया गया। उनके कब्जे से 7 लाख 70000 रुपए हिसाब किताब और घटना में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री जब्त की गई। साइबर थाना अधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि परिवादी रामस्वरूप निवासी भदवासिया ने रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि उससे एडम कैपिटल कंपनी में इन्वेस्ट करवाकर ठगी की गई। जांच में दीपक सिंह ओर निर्मल लाहौटी का नाम सामने आया। आरोपी एडम कैपिटल कंपनी के नाम से इन्वेस्ट करवाते थे। इन्वेस्टर और ब्रोकर को कम से कम 10% लाभ का लालच देकर इन्वेस्ट करवाते। फिर उसी पैसों को घाटे में दिखाकर आमजन के साथ आर्थिक अपराध करते थे। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में दीपक पाल सिंह पुत्र लाल सिंह राजपुरोहित निवासी 279 रूपनगर पाल रोड पुलिस थाना चौपासनी हाउसिंग बोर्ड जोधपुर और निर्मल लाहौटी पुत्र नटवरलाल माहेश्वरी निवासी वर्धमान नगर शोभावतों की ढाणी पुलिस थाना चौपासनी हाउसिंग बोर्ड को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सुरेश सारण सहायक उप निरीक्षक कान सिंह हेड कांस्टेबल रामदयाल और कांस्टेबल महिपाल शामिल रहे। पुलिस ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी कंपनी में ट्रेडिंग करने से पूर्व यह जांच ले कि वह कंपनी भारत में सेबी, फेमा, RBI या BSE में रजिस्टर्ड है या नहीं। विदेश में रजिस्टर्ड किसी भी कंपनी में इन्वेस्ट करना अपराध की श्रेणी में है।