मुंडावर एसीजेएम कोर्ट ने फर्जी रिलीज ऑर्डर से जब्त वाहन छुड़ाने के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने दोनों को 5-5 वर्ष के साधारण कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एक अन्य आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। सहायक लोक अभियोजन अधिकारी आकाश मीणा ने बताया- यह घटना 18 जुलाई 2017 की है। आरटीओ की चेकिंग के दौरान एक ट्रैक्टर और एक ट्रक जब्त कर ततारपुर पुलिस थाने को सौंपे गए थे। अगले दिन, 19 जुलाई को पुलिस जांच में दोनों वाहन थाना परिसर से गायब पाए गए। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी रिलीज ऑर्डर बनाकर वाहनों को अवैध रूप से छुड़ा लिया था। इस संबंध में डीएफएस विभाग ने 5 अगस्त 2017 को ततारपुर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी, 467 और 468 के तहत मामला दर्ज कराया था। पुलिस जांच पूरी होने के बाद इनायत, अख्तर और कृष्ण के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। मामले की सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद, एसीजेएम कोर्ट के न्यायाधीश अमर सिंह खारड़िया ने आरोपी इनायत और अख्तर को दोषी पाया। उन्हें 5-5 वर्ष के साधारण कारावास और 5-5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। तीसरे आरोपी कृष्ण को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण बरी कर दिया गया। कोर्ट का यह फैसला फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।