फगवाड़ा के दौलतपुर गांव स्थित बिजली घर के बाहर किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने धान के सीजन में कृषि मोटरों के लिए प्रतिदिन 8 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की।प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि सरकार ने धान (झोना) सीजन के दौरान कृषि मोटरों को प्रतिदिन 8 घंटे बिजली देने का वादा किया था। हालांकि, उन्हें वास्तव में केवल 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल रही है। किसान नेताओं ने बताया कि इस समय धान की रोपाई और सिंचाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ढाई से तीन घंटे बाद ही बिजली की वोल्टेज और पावर कम हो जाती है, जिससे मोटरें ठीक से काम नहीं कर पातीं और सिंचाई प्रभावित होती है। किसानों ने सरकार को दी चेतावनी किसानों ने सरकार और बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि उन्हें लगातार 8 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इससे धान की खेती प्रभावित नहीं होगी और किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करेंगे।
