प्रतापगढ़ में कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति, राजस्थान के आह्वान पर बुधवार को जिले के उप जिला कृषि कार्यालय पर कृषि कार्मिकों ने एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा। राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा कार्मिकों ने सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया। इसमें कृषि मैपर ऐप में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान और इसके सरलीकरण की मांग प्रमुख थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान स्थिति में ऐप पर प्रभावी ढंग से कार्य करना संभव नहीं हो पा रहा है। आवंटित कार्यों पर जताई आपत्ति ज्ञापन सौंपने वालों में कृषि पर्यवेक्षक शकुंतला, विजय कुमावत, रतनलाल मीणा (जिला अध्यक्ष, कृषि पर्यवेक्षक जिला शाखा प्रतापगढ़) और राजस्थान कृषि स्नातक संघ (RAGA) के अध्यक्ष ललित गिरी गोस्वामी शामिल थे। कार्मिकों ने एफपीओ, कृषि सखी, सीआरपी एवं एलआरपी को आवंटित कार्यों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की कि सभी विभागीय कार्य कृषि कार्मिकों से ही करवाए जाएं और इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। कर्मचारियों ने किसानों को विभिन्न योजनाओं की अनुदान राशि समय पर दिलाने, विभागीय कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध कराने, अवकाश के दिनों में कार्य करवाने पर नियमानुसार क्षतिपूर्ति अवकाश देने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल कटाई प्रयोगों का लंबित मानदेय भुगतान कराने की मांग भी उठाई। राशि उपलब्ध कराने की मांग इसके अतिरिक्त, “हरियालो राजस्थान” कार्यक्रम के तहत पौधारोपण के लिए पर्याप्त बजट, परिवहन व्यय और गड्ढे खुदवाने के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग की गई। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।