राजस्थान में निकाय चुनाव में साइबर क्राइम को लेकर पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। ठग फर्जी वोटर लिंक, मतदाता सूची अपडेट करने के नाम पर भेजे गए लिंक, OTP और QR कोड के जरिए लोगों को निशाना बना सकते हैं। वहीं पाली में आचार संहिता के बीच स्कॉर्पियो से 1.02 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं। अलवर में टिकट चाहने वालों ने शक्ति प्रदर्शन किया। इधर, जयपुर में टिकट फाइनल होने से पहले बड़े नेताओं के घर सिफारिशों का दौर भी चल रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पार्टियों ने आवेदन फॉर्म की छंटनी का काम शुरू कर दिया है। बीजेपी-कांग्रेस एक-दो दिन में तीन-तीन दावेदारों का नाम फाइनल कर देगी। इसके बाद अंतिम फैसला प्रदेश स्तर पर होगा। जयपुर के 150 वार्डों के लिए बीजेपी में 2500 से ज्यादा लोग पार्षद टिकट के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें करीब 1000 बायोडाटा महिलाओं के हैं। अजमेर में 80 पार्षदों के लिए बीजेपी और कांग्रेस में एक-एक हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। ऐसे में हर वार्ड से करीब 10 से 15 और कहीं पर तो 20 से 30 आवेदन हैं। कोटा में 100 पार्षदों के लिए कांग्रेस के पास 550 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। बीजेपी में 700 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। सक्रियता और जनसेवा बनेगी आधार जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल के मुताबिक- 31 अगस्त आवेदन की आखिरी तारीख है। ऐसे में इससे दो-तीन दिन पहले प्रत्याशियों की सूची जारी हो सकती है। अमित गोयल के मुताबिक- महिलाओं ने सामान्य यानी ओपन वार्ड से भी बड़ी संख्या में दावेदारी जताई है। ऐसे में टिकट वितरण के दौरान महिला उम्मीदवारों को लेकर भाजपा के भीतर खासा मंथन होने की संभावना है। अमित गोयल ने कहा- पार्टी टिकट देने में सबसे पहले उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी, जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही संबंधित वार्ड में उनकी सक्रियता, जनसेवा और जनता के बीच उनकी पकड़ को भी देखा जाएगा। सिर्फ आवेदन कर देने से टिकट तय नहीं होगा। पार्टी अपने स्तर पर सर्वे कराएगी। उम्मीदवार की जीत की संभावनाओं के साथ उसके पुराने राजनीतिक और सामाजिक रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखा जाएगा। … पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…