कौमी एकता और धार्मिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए शुक्रवार को मुस्लिम एकता मंच के बैनर तले दरगाह बाजार से गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर रैली निकाली गई। रैली विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के बाहर से शुरू होकर दिल्ली गेट पहुंची, जहां जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रैली में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ विभिन्न धर्मों के धर्म गुरु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। वक्ताओं ने गौ-तस्करी और गौ-हत्या पर सख्त प्रतिबंध लगाने तथा गौ माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग उठाई। मुस्लिम एकता मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि देश के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की गाय के प्रति गहरी आस्था है और मुस्लिम समाज उस आस्था का सम्मान करता है। उन्होंने सरकार से विशेष कानून बनाकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे सामाजिक सौहार्द मजबूत होगा और गौ संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से गौ-हत्या तथा बीफ निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि गाय के नाम पर राजनीति करने के बजाय इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने जैसे ठोस निर्णय लिए जाने चाहिए। मुस्लिम समाज की पहल की संतों ने की सराहना रैली में जयपुर से पहुंचे संत गणेश महाराज ने मुस्लिम समाज की इस पहल को देश की एकता और भाईचारे का संदेश बताया। उन्होंने कहा कि दरगाह से हमेशा अमन और मोहब्बत का पैगाम जाता रहा है, ऐसे में गौ संरक्षण के लिए यहां से आवाज उठना सकारात्मक पहल है। कांग्रेस नेताओं ने भी किया समर्थन रैली में कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़, शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल, पूर्व मंत्री नसीम अख्तर इंसाफ सहित कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि गाय करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और उसके संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।