नमस्कार बालोतरा में मंत्री केके विश्नोई किराने की दुकान में डिब्बे टटोलते नजर आए। कोटा में सरकारी टीचर की गैर-हाजिरी में स्टूडेंट्स ने डिजिटल क्रांति कर दी। जयपुर में पावर बाइक पर उबर राइड कराने वाले ने चिंता में डाल दिया और भाटीजी के भाई ने स्वागत के मामले में दिग्गजों को पछाड़ दिया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. दुकान में कुछ ढूंढते मंत्रीजी डॉलर के मुकाबले रुपया गिर गया है। लेकिन मंत्रीजी दुकान में गिरा हुआ रुपया नहीं ढूंढ रहे। तो मंत्रीजी किराना की दुकान में क्या ढूंढ रहे हैं? जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर आया, एक ही चर्चा-मंत्रीजी क्या ढूंढ रहे हैं। कई यूजर ने दिलचस्प बातें कहीं। किसी ने कहा कि पुदीने की गोली की तलाश है। किसी ने भीषण गर्मी में शीतल पेय तलाशने की बात कही। लेकिन मंत्रीजी अपने काम में लगे नजर आए। दुकानदार अपनी सीट छोड़कर साइड में हो गया। मंत्रीजी ने एक-एक डिब्बा उठाया। इधर-उधर घुमाकर-पलटकर देखा। फ्रीज खोला। सभी पेय पर नजर दौड़ाई। आखिर मनचाही चीज काउंटर पर रखे एक डिब्बे में मिली। मंत्रीजी ने दुकानदार की तरफ डिब्बा बढ़ाया। दुकानदार ने टॉफी निकाली। टॉफी ट्रेंड में है। बाड़मेर के धोरीमन्ना से लेकर इटली के रोम तक टॉफी का जिक्र है। सवाल ये होना चाहिए कि टॉफी अपने लिए ले रहे हैं या इन्हें भी किसी को गिफ्ट करना है। 2. कोटा के स्कूल में ‘हरियाणवी’ गाने ‘नजर हटी और दुर्घटना घटी’ ट्रैफिक नियमों की इस मशहूर उक्ति को नजरअंदाज कर सरकारी स्कूल के मास्टरजी क्लास को बच्चों के हवाले छोड़ निकल गए। स्कूल में डिजिटल बोर्ड लगा हुआ था। वह सरकारी स्कूल की क्या जिसमें बच्चे शरारत करना न जानते हों। तो नियमों के हिसाब से गुरुजी की गैर हाजिरी में बच्चों को शरारत सूझी। उन्होंने डिजिटल क्रांति करने का फैसला कर लिया। एक छात्र ने डिजिटल बोर्ड के साथ कारस्तानी कर यूट्‌यूब निकाल लिया। फिर आपस में चर्चा होने लगी कि बताओ क्या देखना है। एक बच्चे ने फरमाइश की- हरियाणवी गाने हो जाएं। फरमाइश तुरंत पूरी की गई। स्कूल के डिजिटल बोर्ड पर यू-ट्यूब के माध्यम से हरियाणवी गाने बजने लगे। एक छात्र के लिए यह पल ऐतिहासिक था। ऐतिहासिक पलों को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लेना चाहिए। यही सोचते हुए उसने मोबाइल निकाला और पूरा घटनाक्रम शूट कल लिया। इसके बाद यही वीडियो किसी तरह सोशल मीडिया तक भी पहुंच गया। हड़कंप मच गया। शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षा अधिकारी से सवाल-जवाब कर लिया। हरकत करके बच्चे तो गर्मी की छुटि्टयां मनाने निकल गए, लेकिन लेकिन गुरुजन सवाल-जवाब और ‘सफाई अभियान’ में उलझ गए। 3. जयपुर में उबर राइडर ने चिंता में डाला जयपुर में एक उबर बाइक राइडर है। यूं तो कार-बाइक की ओला-उबर सेवाएं यात्रियों की सु‌विधा के लिए हैं। लेकिन इस राइडर ने सुविधाओं का कुछ खास विस्तार कर रखा है। वह लड़कियों की राइड आने पर दिलचस्पी दिखाता है। पिछली सीट ऊंची होने का हवाला देकर कहता है- आप बैठ पाएंगी? लड़की हामी भरती है तो ‘ठीक से’ पकड़कर बैठने के लिए कहता है। जबकि बाइक पर पीछे बैठने वाले के पास पकड़ने का कोई विकल्प नहीं। ‘मजबूरी’ में उसे राइडर को ही पकड़ना पड़ता है। राइडर सड़क पर बाइक को दाएं-बाएं लहराता है। गाड़ी चलाते वक्त हाथ छोड़ देता है। बाइक को स्पीड में दौड़ाता है। लड़कियों को कॉफी पिलाने और मोमोज खिलाने का ऑफर देता है। उसके हाव-भाव से लड़कियां इंप्रेस होती हैं और यहां तक पूछ लेती हैं कि कितनी गर्लफ्रेंड्स हैं। राइडर युवक लड़कियों की परमिशन लेकर उनके वीडियो भी बनाता है। खरी बात ये कि उसकी ये सारी बातें शक पैदा करती हैं। कहीं न कहीं कुछ गलत लगता है। सावधान रहने की जरूरत है। 4. चलते-चलते… बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्लाह। यह कहावत विधायक रविंद्र सिंह भाटी और उनके छोटे भाई रणवीर सिंह भाटी पर फिट बैठती है। छोटे भैया भी बड़े भाई के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। इधर बड़ा भाई धरने पर बैठता है उधर छोटा भाई जनता के बीच कड़ी का काम करता है। रणवीर की कद-काठी, बोली-भाषा, चाल-ढाल और अंदाज सब कुछ बड़े भाई रविंद्र भाटी जैसा ही है। उनके अपने तेवर हैं। यही वजह है कि लोकल एरिया में उनकी उतनी ही वकत है जितनी विधायक भाटी की। बालोतरा के समदड़ी के एक कार्यक्रम में रणवीर सिंह भाटी को बुलाया गया। मेजबान ने दो क्रेन से विशाल माला को हवा में कई फीट उठाया और कार के सनरूफ से निकले रणवीर सिंह भाटी का स्वागत किया। फूलों की बारिश हो गई। ऐसा मान-सम्मान और स्वागत अच्छे-अच्छे दिग्गजों को भी नहीं मिलता। पूत के पैर पालने में दिखते हैं। होनहार बिरवान के पात निश्चित ही चिकने हैं। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मंगलवार सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।