दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर कोटपूतली के प्रागपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पावटा फ्लाईओवर के पास रॉन्ग साइड से आ रहे एक ट्रक ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक ट्रक में फंस गई और करीब 500 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। लगातार दूसरे दिन हुए बड़े हादसे ने हाईवे पर यातायात सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पावटा फ्लाईओवर के निकट इंडियन पेट्रोल पंप के सामने रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रक ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक ट्रक में फंस गई और काफी दूरी तक घिसटती रही। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। गंभीर घायल सौरभ सैनी को जयपुर किया गया रेफर हादसे में घायल युवक की पहचान आतेंला निवासी 38 वर्षीय सौरभ सैनी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत राजकीय उप जिला अस्पताल, पावटा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया। ट्रक चालक हिरासत में, पुलिस कर रही जांच घटना की सूचना मिलते ही प्रागपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच अधिकारी एसआई धर्मेंद्र ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ट्रक रॉन्ग साइड पर कैसे पहुंचा और हादसे के पीछे क्या कारण रहे। दो दिन में दूसरा बड़ा हादसा, हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल गौरतलब है कि रविवार सुबह भी प्रागपुरा थाना क्षेत्र के पावटा फ्लाईओवर पर एक खराब खड़े कंटेनर से बाइक टकराने के कारण एक महिला और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई थी। लगातार दूसरे दिन हुए इस गंभीर हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर रॉन्ग साइड वाहन संचालन, सड़क पर खड़े भारी वाहनों की निगरानी और यातायात सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे पर प्रभावी ट्रैफिक मॉनिटरिंग, रॉन्ग साइड वाहन संचालन पर सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इस तरह की दुर्घटनाएं आगे भी होती रह सकती हैं।
