कन्ज्यूमर कोर्ट झालावाड़ में भ्रामक विज्ञापन से जुड़े एक मामले में बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन और कोल्ड ड्रिंक्स निर्माता कंपनी की ओर से जवाब पेश किया गया। मामले की अगली सुनवाई अब 10 अप्रैल को होगी।
कन्ज्यूमर कोर्ट ने ऋतिक रोशन और कोल्ड ड्रिंक (माउंटेन ड्यू) निर्माता कंपनी को 12 फरवरी को नोटिस जारी किया था। न्यायालय ने तथ्यों की जांच कर ये नोटिस जारी किए थे। इसके बाद जारी 3 अलग—अलग नोटिस का जवाब पेश किया गया। दिल्ली और झालावाड़ के वकीलों ने पेश किया नोटिस का जवाब
दिल्ली से आए वकीलों ने स्थानीय 3 वकीलों के माध्यम से 3 अलग-अलग नोटिस के मामले में ऋतिक रोशन और 2 कम्पनियों की ओर से 3 अलग—अलग जवाब पेश किए है। मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को रखी गई है। विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग
एडवोकेट गुरचरण सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने झालावाड़ उपभोक्ता न्यायालय में 20 जनवरी को परिवाद पेश किया था, इसके बाद 12 फरवरी को न्यायालय से 3 अलग—अलग नोटिस जारी हुए और 12 मार्च को पहली पेशी पड़ी। उन्होंने एक परिवाद और पेश करके न्यायालय में तर्क दिया कि जब तक मामला विचारधीन है विज्ञापन पर रोक लगाई जाए। ‘विज्ञापन पूरी तरह से भ्रामक और सच्चाई से परे’
शिकायत कर्ता और झालावाड़ निवासी एडवोकेट गुरुचरण सिंह ने उपभोक्ता न्यायालय में परिवाद पेश करते हुए आरोप लगाया था कि शीतल पेय कंपनी और इसके ब्रांड एंबेसडर ऋतिक रोशन टेलीविजन पर जो विज्ञापन दिखाते हैं, वह पूरी तरह से भ्रामक और सच्चाई से परे है, विज्ञापन में दावा किया जाता है कि इस कोल्ड ड्रिंक को पीने से शरीर में अत्यधिक स्फूर्ति और एनर्जी (ऊर्जा) आती है, इससे व्यक्ति असंभव लगने वाले साहसी काम भी आसानी से कर लेता है। ‘कंपनी और फिल्म स्टार ने मिलकर गुमराह किया’
एडवोकेट गुरुचरण सिंह ने कोर्ट में तर्क दिया कि कंपनी और फिल्म स्टार ने मिलकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया है। ‘करोड़ों उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन’
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत, कोई भी ऐसा विज्ञापन जो किसी उत्पाद की गुणवत्ता, प्रकृति या उससे मिलने वाले लाभ के बारे में गलत जानकारी देता है, वह ‘भ्रामक विज्ञापन’ की श्रेणी में आता है। इसको देखते हुए ही उपभोक्ता न्यायालय की शरण ली गई थी, उन्होंने उपभोक्ता न्यायालय में परिवाद दर्ज करवाया। कन्ज्यूमर कोर्ट ने 12 फरवरी को जारी किए नोटिस
इसमें प्रथम दृष्टया न्यायालय ने मामले को सही पाया गया और मामले पर अनुसंधान लेकर फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन, कोल्ड ड्रिंक कंपनी और बेवरेज कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपभोक्ता न्यायालय के सदस्य वीरेंद्र सिंह रावत ने तथ्यों की जांच की। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया एडवोकेट के तर्कों में सच्चाई पाई और मामले को विचारार्थ स्वीकार कर लिया, इसके बाद न्यायालय ने सभी पक्षों को 12 फरवरी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।