कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के जयपुर में एसीबी मुख्यालय पहुंचकर खुद को बदनाम किए जाने और जांच एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाने के मामले में अब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसा है। टीकाराम जूली ने कहा- एसीबी मुख्यालय सरकार के मंत्री जाने लगे हैं। यानी खुद सरकार एसीबी पहुंच रही है। डॉ. किरोड़ी कैबिनेट का हिस्सा हैं और सरकार कैबिनेट होती है। मंत्री ने अपने ही मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि उस विभाग के मुखिया हमारे मुख्यमंत्री ही हैं। जूली ने कहा- बीजेपी राज में सरकार तबेला बन चुकी है। किसी की कोई जवाबदेही नहीं है। सरकार के कैबिनेट मंत्री एसीबी मुख्यालय जा रहे हैं। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एसीबी की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। वे कह रहे हैं कि मेरा नाम उछाला जा रहा है। एसीबी में रिकॉर्ड पर लिए गए डॉक्टर व मंत्री के नाम सही हैं तो मुझे गिरफ्तार किया जाए, वरना स्थिति स्पष्ट की जाए। इस मामले में जूली ने भी कहा कि एसीबी को स्थिति स्पष्ट करनी भी चाहिए। यह बात नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शनिवार को अलवर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कही। जूली ने मीडिया से कही ये 4 अहम बातें… 1. किरोड़ी ने छापे मारे हैं, लेकिन सजा कितनों को हुई? जूली ने कैबिनेट मंत्री की छापेमार कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस सरकार में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। पिछले एक साल में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अनेक छापे मारे हैं, लेकिन सजा कितनों को हुई है? धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री बनने के बाद भी वे एक परीक्षा सही ढंग से नहीं करा पा रहे हैं। बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सीबीएसई (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में भी घोटाला हुआ है, इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया है। पार्टी के नेताओं को तोड़कर अपने साथ ले जाने पर बीजेपी को जवाब देना चाहिए। नैतिकता के नाते उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि इस्तीफे पहले भी होते रहे हैं। 2. हमारे समय में पेपर लीक पर 10 गुना मजबूत कानून बनाया गया था जूली ने आगे कहा- पेपर लीक के मामलों में प्रदेश और देश की सत्ता में बैठे नेताओं की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री और राजस्थान सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। कांग्रेस के समय जब पेपर लीक हुए, तो हमने देश का सबसे मजबूत कानून बनाया। मोदी जी द्वारा बनाए गए पेपर लीक कानून से हमारा कानून 10 गुना अधिक मजबूत था। उन्होंने आगे कहा- अगर हमारे समय में कुछ कमियां रहीं, तो आज हम विपक्ष में बैठे हैं। लेकिन अब ये (बीजेपी) सत्ता में बैठकर भी अपनी कमियों के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हैं। अगर ऐसा ही है, तो बीजेपी को सत्ता छोड़ देनी चाहिए। विधानसभा चुनाव के समय मोदी जी राजस्थान आकर कह गए थे कि वे पेपर लीक से मुक्ति दिलाएंगे, लेकिन इसके बाद भी कई पेपर लीक हो गए। इन्होंने सरकार को तबेला बना दिया है, जहां किसी की कोई जवाबदेही नहीं है। इसी के खिलाफ कांग्रेस ने जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया है। 3. संविधान बदलने की मंशा संभव जूली ने कहा कि बीजेपी चाहती थी कि यदि उनकी 400 पार सीटें आ जाएं, तो वे संविधान को बदल सकें। इनका मूल उद्देश्य परिसीमन के जरिए सीटें बढ़ाना हो सकता है। कुछ सांसद धन के लालच में या फिर ईडी (ED) और इनकम टैक्स के डर से बीजेपी में चले जाते हैं। 4. स्टूडेंट्स को जिंदगी से हार नहीं माननी चाहिए जूली ने कहा- नीट (NEET) पेपर लीक होने के बाद कई स्टूडेंट्स ने अपनी जान दी है, उन्हें ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठाना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के हक की लड़ाई का एक बड़ा बीड़ा उठाया है, जिसके अच्छे परिणाम आएंगे। अभ्यर्थियों को जीवन से हार नहीं माननी चाहिए। एक रास्ता बंद होता है, तो दूसरा खुलता है। राहुल गांधी छात्रों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, आने वाले समय में बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। किसी को भी कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए। परीक्षाएं तो होती रहेंगी, सरकार की गलती के कारण अपनी जिंदगी से हार नहीं माननी चाहिए। —- यह खबर भी पढ़िए… किरोड़ीलाल पहुंचे ACB मुख्यालय, बोले-दोषी हूं तो गिरफ्तार करो:गहलोत ने कहा-सीएम सच्चाई बताएं, डोटासरा बोले-मंत्री किस डर से इतना तिलमिला रहे कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार दोपहर ACB मुख्यालय पहुंचे। मंत्री एसीबी में पकड़े गए बीज निगम के नामित डायरेक्टर और कृषि विभाग के कर्मचारियों के मामले में खुलकर बोले। उन्होंने कहा-‘यदि मैं जांच में दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार किया जाए, लेकिन यदि निर्दोष हूं तो ACB को सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।’ पढ़ें पूरी खबर