पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ विशेष मुहिम के तहत जालंधर देहात पुलिस ने नशा तस्करों व असामाजिक तत्वों के खिलाफ व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान (CASO) चलाया। एसएसपी हरविंदर सिंह विरक की अगुवाई में पुलिस टीमों ने जिले भर के 15 नशा प्रभावित ‘हॉटस्पॉट्स’ पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 40 आरोपियों को गिरफ्तार कर 31 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इस बड़े सर्च ऑपरेशन में 10 गजटेड (राजपत्रित) अधिकारियों के नेतृत्व में 275 पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। एसएसपी हरविंदर सिंह विरक खुद एसपी (जांच) विनीत आहलावत के साथ नकोदर के संवेदनशील गांव शंकर पहुंचे और जमीनी स्तर पर तलाशी अभियान की कमान संभालते हुए स्थिति का जायजा लिया। हेरोइन, नशीली गोलियां, शराब व वाहन जब्त; 1 भगोड़ा भी दबोचा सघन जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 ग्राम हेरोइन, 381 नशीली गोलियां व कैप्सूल और 47 बोतल अवैध शराब बरामद की। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान एक भगोड़े (अदालती प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) को गिरफ्तार किया गया, कागजात न होने पर 15 वाहनों को जब्त किया गया तथा 14 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कानूनी कदम उठाए गए। नशा पीड़ितों का इलाज और काउंसलिंग भी जारी एसएसपी विरक ने बताया कि पुलिस केवल तस्करों पर शिकंजा कसने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा पीड़ितों की पहचान कर उनके पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को नशा मुक्ति केंद्रों (रीहैबिलिटेशन सेंटर) में दाखिल करवाया जा रहा है, जबकि शुरुआती चरण वाले मरीजों की काउंसलिंग कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य लक्ष्य चिन्हित हॉटस्पॉट्स को अगले 7 दिनों के भीतर पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना है।
