जालंधर सहित पंजाब भर के विशेष शिक्षकों में राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ भारी रोष देखने को मिल रहा है। शिक्षक दिवस के अवसर पर जहां एक तरफ सरकारी स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ ‘समूह IEAT स्पेशल B.Ed अध्यापक जत्थेबंदी’ के बैनर तले शिक्षकों ने इस दिन को ‘काले दिवस’ के रूप में मनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी प्रदर्शन के तहत अध्यापकों की विभिन्न टीमों ने जिला स्तर पर हलका प्रभारियों और विधायकों को मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपे। इसी कड़ी के तहत जिला जालंधर में जत्थेबंदी के सूबा प्रधान राकेश कुमार की अगुवाई में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने हलका करतारपुर से विधायक बलकार सिंह और जालंधर कैंट से हलका प्रभारी राजविंदर कौर से मुलाकात की। अध्यापकों ने दोनों नेताओं को मुख्यमंत्री पंजाब के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की। शिक्षकों का कहना है कि वे बीते लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर हैं, लेकिन शासन और प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। मामले की जानकारी देते हुए यूनियन के सूबा प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के केस नंबर 132 के स्पष्ट आदेशों और दिशा-निर्देशों के आधार पर वे IEAT अध्यापकों को स्पेशल एजुकेटर का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। 16 महीने से सरकार केवल आश्वासन की नीति अपना रही
सूबा प्रधान राकेश कुमार ने कहा कि पिछले लगभग 16 महीनों से भगवंत मान सरकार केवल लारे-लप्पों की नीति अपनाकर समय बिता रही है। अधिकारियों व सरकार की इस टालमटोल रवैये से तंग आकर ही आज पूरे कैडर को शिक्षक दिवस पर विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगाकर रोष प्रकट करना पड़ा है। सूबा प्रधान ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। इसी रणनीति के तहत आगामी 12 सितंबर 2026 को संगरूर में स्पेशल कैडर के अध्यापकों द्वारा राज्य स्तरीय विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग की जन-विरोधी व अध्यापक-विरोधी नीतियों को आम जनता के सामने बेनकाब करने का काम करेगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में यूनियन के सदस्य व स्थानीय अध्यापक उपस्थित रहे।
