पुलिस महानिदेशक(DGP) राजीव कुमार शर्मा ने अपराध रोकथाम में Y-CLG सदस्यों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने महिला सुरक्षा, नशे की रोकथाम और साइबर अपराध को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। डीजीपी ने कहा कि पुलिस के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी से अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित माहौल बनाने में मदद मिलेगी। Y-CLG सदस्य युवाओं और आमजन के बीच जागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों और पुलिस से जुड़े यूथ-सीएलजी (Y-CLG) सदस्यों से सीधा संवाद किया। उन्होंने यूथ-सीएलजी को पुलिस और आमजन के बीच प्रभावी कड़ी बताते हुए अपराध रोकथाम, साइबर सुरक्षा, रोड सेफ्टी, महिला एवं बालिका सुरक्षा और नशे के खिलाफ जनजागरूकता में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार और उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप भी मौजूद रहे। अपराध की आशंका वाली गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें डीजीपी ने कहा कि राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लक्ष्य में यूथ-सीएलजी की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। सदस्य अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखें और अपराध की आशंका वाली गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं। उनके सुझावों से स्थानीय स्तर पर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि यूथ-सीएलजी सदस्यों के साथ लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखा जाए तथा उन्हें जनसुरक्षा एवं अपराध रोकथाम के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाए। महिला सुरक्षा में निभाएं सकारात्मक भूमिका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में महिला और बालिका सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। डीजीपी ने कहा कि यूथ-सीएलजी सदस्य पुलिस के साथ मिलकर महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं को नशे से बचाने का आह्वान डीजीपी ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए भी यूथ-सीएलजी सदस्यों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सदस्य नशे के कारोबार की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के साथ-साथ आमजन और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर सकते हैं। इसी तरह साइबर अपराधों से बचाव के लिए भी यूथ-सीएलजी सदस्यों को लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी निभाने को कहा गया। सही सूचनाएं ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं डीजीपी ने कहा कि पुलिस द्वारा साझा की जाने वाली उपयोगी एवं जनहितकारी सूचनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में यूथ-सीएलजी प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। इससे जनोपयोगी जानकारी का तेजी से प्रसार होगा और भ्रामक या हानिकारक सूचनाओं की सत्यता के बारे में भी लोगों को समय पर जानकारी दी जा सकेगी। प्रदेश में 73,184 Y-CLG सदस्य जुड़े अतिरिक्त महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंग ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 73,184 यूथ-सीएलजी सदस्य पुलिस से जुड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि यूथ-सीएलजी के सहयोग से किए जा रहे कार्यों और उनके योगदान की एक माह बाद समीक्षा की जाएगी। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने विश्वास जताया कि पुलिस और यूथ-सीएलजी की संयुक्त एवं सक्रिय भागीदारी से सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को और मजबूत किया जा सकेगा।
