भास्कर न्यूज | जालंधर/किशनगढ़ धुंध में रात के समय हादसों की गिनती दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। खास तौर पर जालंधर-भोगपुर हाईवे पर 1 महीने में 20 से ज्यादा एक्सीडेंट हुए हैं और 5 लोगों की मौत हो चुकी है। उसके बावजूद भी इस हाईवे पर न तो ट्रैफिक लाइट्स लगाई जा रही हैं और न ही स्ट्रीट लाइटें लगाईं गईं हैं। वीरवार देर रात किशनगढ़ और काला बकरा के पास एक्सीडेंट हुए हैं। एक एक्सीडेंट में दो कारों की टक्कर हुई और एक हादसे में ट्रक ड्राइवर को धुंध के कारण काला बकरा सिविल अस्पताल के सामने डिवाइडर दिखाई नहीं दिया और सर्विस रोड पर ट्रक पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक प्रदीप कुमार, निवासी कठुआ, जम्मू गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे एसएसएफ की टीम द्वारा सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। प्रदीप ने बताया कि वह जालंधर से जम्मू कि तरफ जा रहा था कि धुंध के कारण डिवाइडर दिखाई नहीं दिया और उसका ट्रक एक तरफ पलट गया। वहीं गनीमत ये रहा कि उस समय सर्विस रोड पर कोई नहीं था। जानकारी देते हुए एसएसएफ के इंचार्ज रणजीत सिंह ने बताया कि अड्डा किशनगढ़ चौक पर देर रात दो कारों के बीच हुई भीषण टक्कर में तीन लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब गुरदासपुर निवासी साहिल महाजन की कार और दिल्ली निवासी मोहित कुमार की कार आपस में टकरा गईं। मोहित करतारपुर की ओर से आ रहा था। घायलों की पहचान दिल्ली निवासी सुनील कुमार व पवन और गुरदासपुर निवासी निर्मल के रूप में हुई है। एसएसएफ टीम ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू करवाया। मामले की अगली जांच अलावलपुर पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर हादसा शाम के समय होता तो जानी नुकसान भी हो सकता था। जिस जगह पर डिवाइडर है। वहां पर ब्लिंकर्स न होने के कारण आए दिन एक्सीडेंट होते हैं। इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है।

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