जगराओं में कूरियर कर्मी से कथित मारपीट और बदसलूकी के मामले में होटल व्यवसायी मनमोहन कत्याल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जगराओं कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत उसके हीराबाग स्थित आवास पर अदालत का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। अदालत ने मनमोहन कत्याल को 29 जुलाई को पेश होने का आखिरी मौका दिया है। यदि कत्याल इस दिन अदालत में आत्मसमर्पण करता है, तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। पेश नहीं होने की स्थिति में अदालत उसे भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई आगे बढ़ाएगी। लुधियाना सेशन कोर्ट पहले ही 25 जून को उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है। युवती से मारपीट व बदसलूकी का आरोप यह मामला 10 जून का है, जब एक युवती कूरियर देने गई थी और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट व बदसलूकी की गई। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि घटना के तुरंत बाद पीड़िता गंभीर हालत में एसएसपी कार्यालय पहुंची थी, लेकिन उसे बस स्टैंड पुलिस चौकी भेज दिया गया। महिला आयोग की चेयरपर्सन ले चुकी मामले में संज्ञान पीड़िता ने उसी दिन सिविल अस्पताल में अपना मेडिकल भी करवाया था, लेकिन पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 11 जून को पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने स्वतः संज्ञान लिया और पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद थाना सिटी जगराओं में मनमोहन कत्याल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। एफआईआर होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। 14 जून को मनमोहन कत्याल ने अपने घर की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर जारी कर पीड़िता पर ही आरोप लगाए थे। हालांकि, 16 जून को घटना का एक वीडियो सामने आया, जिसमें आरोपी कथित तौर पर युवती की पिटाई करता दिखाई दिया, जिससे शहरभर में आक्रोश फैल गया। जनदबाव बढ़ने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और 19 जून को हरियाणा के यमुनानगर सहित कई स्थानों पर दबिश दी। हालांकि, घटना के एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरोपी मनमोहन कत्याल अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। यह था पूरा मामला
पीड़िता करमजीत कौर, निवासी गांव जसोवाल, पिछले चार वर्षों से अमेज़न की कूरियर कंपनी में डिलीवरी एजेंट के रूप में कार्यरत है। शिकायत के अनुसार, 10 जून को वह हीराबाग स्थित मनमोहन कत्याल के घर पार्सल देने गई थी। पार्सल देने के बाद गार्ड ने उसे अंदर बुलाया, जहां मनमोहन कत्याल ने पहले आए एक पार्सल को लेकर विवाद शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ बदसलूकी की और गलत नीयत से उसे पकड़ लिया। किसी तरह वहां से निकलने के बाद जब वह घर के बाहर पहुंची तो आरोपी ने बाहर आकर उसकी कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि उसकी स्कूटी, मोबाइल फोन और पार्सल डिलीवरी से मिली नकदी भी छीन ली गई। घटना के बाद पीड़िता एसएसपी कार्यालय पहुंची, जहां से उसे पुलिस चौकी भेजा गया। थाना सिटी जगराओं में कत्याल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि, डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अब अदालत की कानूनी कार्रवाई ने उसके खिलाफ शिकंजा और कस दिया है।