Petrol Diesel Price Hike: चुनाव खत्म होते ही सरकार के सामने अब सबसे मुश्किल आर्थिक सवाल खड़ा हो गया है। सवाल यह है कि क्या पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का वक्त आ गया है? अब तक सरकार ने जनता को राहत देने के लिए कीमतें नहीं बढ़ाईं, लेकिन हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि यह फैसला ज्यादा दिनों तक टाला नहीं जा सकता। कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। सरकार को उम्मीद थी कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम होगा, सीजफायर लंबा चलेगा और हार्मुज स्ट्रेट फिर सामान्य हो जाएगा। लेकिन मामला उल्टा पड़ गया। तनाव कम होने के बजाय खिंचता चला गया और तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अब सरकार के लिए यह इंतजार भारी पड़ने लगा है।
