मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को अब बड़ा समर्थन मिला है। गुरदासपुर ट्रेड यूनियन और स्थानीय व्यापारियों ने 30 जुलाई को सफाई सेवकों द्वारा बुलाए गए ‘पंजाब बंद’ के आह्वान का पूर्ण समर्थन करने की घोषणा की है। वहीं, ट्रेड यूनियन की मध्यस्थता के बाद सफाई कर्मचारियों ने शहर की सीवर व्यवस्था को जाम करने का अपना कड़ा फैसला वापस ले लिया है, जिससे शहरवासियों को एक बड़ी राहत मिली है। पक्के करने की मांग को लेकर 30 जुलाई को ‘पंजाब बंद’ सफाई कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर काम बंद हड़ताल पर हैं। मुख्य मांग: सफाई कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग अपनी सेवाओं को पक्का (स्थायी) करना है। पंजाब बंद: सरकार द्वारा मांगों पर ध्यान न दिए जाने के विरोध में 30 जुलाई को पूरे पंजाब में बंद का आह्वान किया गया है, जिसका असर गुरदासपुर में भी व्यापक रूप से दिखेगा। ट्रेड यूनियन की अपील पर सीवर जाम करने की चेतावनी वापस इससे पहले आंदोलन को उग्र करते हुए सफाई कर्मचारी यूनियन ने पूरे शहर के सीवर जाम करने की चेतावनी दी थी, जिससे शहर में गंभीर जलभराव और स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता था। दर्शन महाजन की पहल: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष दर्शन महाजन ने सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्यों और नेताओं के साथ बैठक की। जनहित में फैसला: महाजन ने यूनियन को समझाया कि सीवर जाम करने से आम नागरिकों और शहरवासियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इस अपील को स्वीकार करते हुए सफाई कर्मचारियों ने सीवर जाम करने का फैसला वापस ले लिया। व्यापारियों का समर्थन, सरकार से मांगें मानने की अपील ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष दर्शन महाजन और गुरदासपुर के व्यापारी वर्ग ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को जल्द से जल्द स्वीकार कर हड़ताल समाप्त कराई जाए। शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गुरदासपुर शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के विशाल ढेर लगे हुए हैं, जिससे बदबू और बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है तथा आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।