79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में इस बार जयपुर की बेटी और बॉलीवुड अभिनेत्री रुचि गुर्जर ने अपनी दमदार मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा बटोरी है। इस मंच पर उन्होंन महिलाओं की आजादी और पहचान को लेकर एक मजबूत सामाजिक संदेश भी दिया। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित रेड कार्पेट्स में शुमार कान्स फिल्म फेस्टिवल में रुचि गुर्जर का पारंपरिक राजस्थानी घूंघट लुक चर्चा का केंद्र बन गया। गुलाबी रंग के शाही लहंगे, पारंपरिक राजस्थानी गहनों, चूड़ियों और चेहरे को ढकते पारदर्शी घूंघट के साथ जब रुचि रेड कारपेट पर उतरीं तो हर किसी की नजर उन पर ठहर गई। रुचि ने अपने इस लुक के जरिए सदियों पुरानी जबरन घूंघट प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई और महिलाओं की स्वतंत्रता, समानता और आत्मसम्मान का संदेश दिया। रुचि गुर्जर ने कहा कि मैंने घूंघट चुप रहने के लिए नहीं पहना, मैंने इसे विरोध के रूप में पहना है। महिला का सम्मान उसकी बराबरी, आत्मविश्वास और आज़ादी से होना चाहिए, उसकी पहचान छिपाने से नहीं। अगर मेरी यह वॉक किसी एक महिला के लिए भी सोच बदलने की शुरुआत बनती है, तो यह मेरे लिए फैशन से कहीं बड़ा उद्देश्य है। जयपुर से ताल्लुक रखने वाली रुचि ने बताया कि यह मुद्दा उनके लिए बेहद व्यक्तिगत है। उन्होंने अपने आसपास ऐसी कई महिलाओं को देखा है, जो सामाजिक दबाव और परंपराओं के नाम पर अपनी इच्छाओं और पहचान को दबाने के लिए मजबूर होती हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति महिलाओं को शक्ति देने का माध्यम होनी चाहिए, उनकी पहचान छीनने का नहीं। रुचि का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फैशन एक्सपर्ट्स, फिल्म समीक्षकों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने उनके इस कदम को हाल के वर्षों में कान्स फिल्म फेस्टिवल की सबसे बोल्ड, निडर और सामाजिक रूप से प्रभावशाली प्रस्तुतियों में से एक बताया। कई लोगों ने इसे फैशन और सामाजिक चेतना का बेहतरीन संगम करार दिया। रुचि गुर्जर के इस खास लुक को प्रसिद्ध डिजाइनर रूपा शर्मा ने तैयार किया था। गुलाबी रंग के भारी राजस्थानी लहंगे पर सिल्वर जरी की महीन कढ़ाई, पारंपरिक राजपूती आभूषण और पारदर्शी घूंघट ने उनके लुक को शाही अंदाज दिया। यह लुक एक ओर राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शा रहा था, वहीं दूसरी ओर सामाजिक बंधनों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध भी बन गया। रुचि की इस पहल की तुलना अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सामाजिक मुद्दों को उठाने वाले कई बड़े सितारों से भी की जा रही है। जिस तरह हॉलीवुड अभिनेत्री केट ब्लैंचेट ने शरणार्थियों और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई, एम्मा वॉटसन ने जेंडर इक्वालिटी और एथिकल फैशन का समर्थन किया, उसी तरह रुचि गुर्जर ने कान्स के मंच को महिलाओं की स्वतंत्रता और सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया। रुचि ने सरकार और समाज से अपील करते हुए कहा कि गांवों और छोटे शहरों में महिलाओं की शिक्षा, अधिकार और स्वतंत्रता को लेकर अधिक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि परंपरा और मजबूरी में फर्क समझना बेहद जरूरी है।
पिछले साल मोदी वाला लुक गौरतलब है कि रुचि गुर्जर पिछले वर्ष भी कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले विशेष नेकलेस को पहनकर सुर्खियों में रही थीं। लेकिन इस बार उनका संदेश कहीं अधिक सामाजिक, संवेदनशील और बहस को जन्म देने वाला रहा।