बीकानेर के PBM अस्पताल में 2 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। मामले को लेकर कांग्रेस और दोनों प्रसूताओं के परिजनों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। थाली-कटोरा लेकर न्याय की भीख मांगी। कलेक्टर से कटोरा लेकर मिलने की गुजारिश की तो पुलिस प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। ऐसे में, परिजन अस्पताल की सीढ़ियों पर ही बैठ गए। नारेबाजी की और कटोरे सीढ़ियों पर रख लौट गए। इस प्रदर्शन में शारदा के पिता हीरालाल नायक और 3 साल की बेटी बिंदिया भी शामिल रही। वहीं प्रीति नायक के पति कमल नायक भी प्रदर्शन में शामिल हुए। कलेक्ट्रेट निशांत जैन ने कहा- मैं इसी मामले को लेकर चिकित्सा विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ के साथ था। वो ADM को भी ज्ञापन दे सकते थे। ज्ञापन देने की कोई मनाही नहीं है। पॉइंट में समझिए मामला देखें प्रदर्शन की तस्वीरें…
बोले- हमें न्याय दे दो हम चले जाएंगे देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा- हम अस्पताल में दम तोड़ने वाले 2 बहनों की मौत के मामले में न्याय मांगने आए हैं। अगर ये न्याय मांगना राजनीति है तो हम राजनीति कर रहे हैं। हमारे न्याय मांगने के काम को राजनीति कहने वाले यहां आए और परिजनों को न्याय दिला दें तो हम यहां से चले जाएंगे। थाली-कटोरा लेकर कलेक्ट्रेट तक गए दोपहर को देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भंवर कूकणा, कांग्रेस नेता अमित जोशी और रमजान रंगरेज के साथ परिजनों ने प्रदर्शन किया। महिलाएं और साथ आए लोगों ने थाली और कटोरी थामी और बजाते हुए PBM से 2 किमी दूर कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़े। हाथों में बैनर था- जिसपर लिखा था शारदा के न्याय के लिए जिला कलेक्टर भीख दो। कटोरे के साथ नहीं मिली एंट्री पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं और परिजनों को कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रवेश से पहले ही रोक दिया। अधिकारियों ने कहा कि यदि वे कटोरा बाहर रख दें तो उन्हें कलेक्टर से मिलने दिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस नेता इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर कार्यालय की सीढ़ियों पर ही धरना शुरू कर दिया और मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कुछ देर तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद भी प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच सहमति नहीं बन सकी। सभी लोग कलेक्टर से मिले बिना ही वापस लौट गए। जाते समय उन्होंने विरोध के प्रतीक के रूप में कटोरा कलेक्टर कार्यालय की सीढ़ियों पर ही छोड़ दिया और वहां से रवाना हो गए। संभागीय आयुक्त और परिजनों के बीच हो चुकी है बातचीत मामले के समाधान के प्रयासों के तहत पुलिस, प्रशासन, कांग्रेस नेताओं और शारदा के परिजनों के बीच एक बैठक सोमवार को हुई। संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा की मौजूदगी में हुई इस वार्ता में विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। परिजन शव उठाने के लिए तैयार नहीं हुए और मामला जस का तस बना रहा। अब मंगलवार को भी इस पर निर्णय नहीं हो सका। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं
