डूंगरपुर के सबसे बड़े एसबीपी कॉलेज के 2005 से बंद पड़े छात्रावास परिसर की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिली है। मंगलवार को कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. गणेशलाल निनामा और पूर्व छात्रसंघ कार्यकारिणी ने मौके का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावास की जमीन पर कई स्थानों पर अवैध अतिक्रमण और मलबा पाया गया। कॉलेज प्रशासन ने अतिक्रमण को चिह्नित कर लिया है और जिला प्रशासन के माध्यम से इसे जल्द हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रिंसिपल डॉ. गणेशलाल निनामा ने बताया कि इस भवन में पहले गर्ल्स कॉलेज संचालित होता था, जो 2005 में नए भवन में स्थानांतरित हो गया था। इसके बाद से परिसर खाली पड़ा है और भवन जर्जर हो चुका है। खाली पड़ी भूमि पर कुछ लोगों ने निर्माण सामग्री और घरों का मलबा डाल दिया है। इसके अलावा आगे की ओर बने मकानों और दुकानों के पीछे की तरफ भी हॉस्टल की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। कई स्थानों पर पक्के निर्माण भी सामने आए हैं। निरीक्षण के दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष तुषार परमार ने हॉस्टल की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर यहां नए छात्रावास के निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा अत्यंत आवश्यक है। प्रिंसिपल डॉ. निनामा ने बताया कि सभी अतिक्रमणों को चिह्नित कर लिया गया है। अब जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया जाएगा। परिसर में डाले गए मलबे को भी हटाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस भूमि का शैक्षणिक उपयोग हो सके। कॉलेज प्रशासन सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर सुरक्षित रखने के लिए शीघ्र कार्रवाई करेगा।
