एसएमएस अस्पताल में दिल, दिमाग, किडनी समेत लिवर जैसी गंभीर और सामान्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए बेड के लिए मारामारी रहती है। यहां के डॉक्टरों पर विश्वास के चलते फर्श पर इलाज तक करा रहे हैं। एसएमएस अस्पताल के मेडिसिन, आर्थोपेडिक्स, कार्डियोलॉजी और जनरल एवं सीटी सर्जरी जैसे विभाग के वार्डों में मरीजों को बेड नहीं मिलने से दिक्कत आती है। वहीं, एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सैटेलाइट सेठी कॉलोनी अस्पताल में बेड की स्थिति उलट है। जनरल वार्ड (पुरुष एवं महिला), पीडियाट्रिक, नियोनेटल आईसीयू के बेड मरीजों का इंतजार कर रहे हैं। यहां दो ऑपरेशन थिएटर हैं, इसमें से एक को दवा स्टोर बना रखा है। यह खुलासा भास्कर रिपोर्टर के मौका मुआयना करने पर हुआ है। सैटेलाइट अस्पताल; 125 बेड में से रोजाना 5 से 10 पर ही मरीज रहते हैं एक नजर में सैटेलाइट अस्पताल
