डीग जिले के हिस्ट्रीशीटर विक्रम उर्फ टिल्ला पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। सीकरी थाने की हवालात से फरार बदमाश को डीग पुलिस टीम मध्यप्रदेश से लेकर आ रही थी। रास्ते में कॉन्स्टेबल से हथियार छीनकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लग गई। पुलिस टीम ने हिस्ट्रीशीटर विक्रम को हिरासत में लेकर इलाज के लिए नगर कस्बे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे भरतपुर के आईबीएम अस्पताल रेफर कर दिया। टिल्ला के खिलाफ अब तक करीब 17 मामले दर्ज है।
10 हजार का इनाम घोषित था
डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया- विक्रम उर्फ टिल्ला (30) बलदेववास, सीकरी का रहने वाला है। टिल्ला 5 दिन पहले 28 अगस्त को सीकरी थाने की हवालात से फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी। हिस्ट्रीशीटर पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। सतना-रीवा क्षेत्र में पुलिस ने दबोचा
पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। एएसआई सुल्तान सिंह को सूचना मिली कि विक्रम उर्फ टिल्ला मध्य प्रदेश के रीवा जिले में छिपा हुआ है। पुलिस टीम मध्य प्रदेश पहुंची और रीवा से आरोपी को दबोचा। इसके बाद पुलिस उसे लेकर डीग के लिए रवाना हुई। कॉन्स्टेबल से छीना हथियार छीनकर पुलिस टीम पर की फायरिंग
इसके बाद पुलिस उसे डीग लेकर आ रही थी। इसी दौरान मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे नगर-नदबई रोड पर राठा नामक स्थान के पास तालाब के समीप आरोपी विक्रम ने कॉन्स्टेबल दीनदयाल का हथियार छीन लिया।
जब पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो विक्रम ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एक गोली एएसआई सुल्तान सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद एएसआई सुल्तान सिंह ने अपने बचाव में फायरिंग की। गोली बदमाश विक्रम के दाहिने पैर में घुटने के नीचे लग गई। इसके बाद विक्रम नीचे गिर गया। पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे भरतपुर के आईबीएम अस्पताल रेफर कर दिया। 2024 में पहला मामला हुआ था दर्ज
एसपी गोपीनाथ ने बताया- विक्रम उर्फ टिल्ला के खिलाफ अब तक करीब 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ पहला मामला वर्ष 2024 में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। इसके बाद वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में अवैध हथियार रखने, हत्या, लूट, चोरी और मारपीट जैसी गंभीर वारदातें शामिल हैं।