करौली में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पहला बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता आकलन परीक्षण आयोजित किया गया। परीक्षण में तय लक्ष्य के अनुसार 30 हजार लर्नर्स परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 22,500 महिलाएं और 7,500 पुरुष थे। परीक्षा जिले के 200 केंद्रों पर सरकारी स्कूलों में आयोजित की गई। अधिकारियों ने केंद्रों का किया निरीक्षण परीक्षा के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए साक्षरता निदेशालय के सहायक निदेशक योगेश उपाध्याय ने खोहरी, राजौर और दीपपुरा परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं, जिला नोडल अधिकारी रामावतार मीना ने सलेमपुर, महमदपुर समेत कई केंद्रों पर व्यवस्थाएं देखीं। मंडरायल के केंद्रों पर भी जांची व्यवस्थाएं सहायक परियोजना अधिकारी अशोक कुमार मीना ने मंडरायल ब्लॉक के बुगडार, लांगरा और चंदेलीपुरा स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा व्यवस्था, केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं और परीक्षा के संचालन की स्थिति का जायजा लिया। तिलक-माला से हुआ लर्नर्स का स्वागत आदर्श परीक्षा केंद्रों पर लर्नर्स के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई। यहां पहुंचने पर तिलक लगाकर और माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया। स्वागत से लर्नर्स में उत्साह नजर आया और उन्होंने उत्साहपूर्वक परीक्षा में भाग लिया।
