आईजी-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘कमजोर सूचना तंत्र’ पर पुलिस को आईना दिखाया। सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात की पुलिस राजस्थान में कार्रवाई करके चली जाती और हमारी जिला पुलिस के पास सूचना तक नहीं होती। यह राजस्थान पुलिस पर सवालिया निशान हैं। यही कार्रवाई राजस्थान पुलिस करती तो देशभर में अच्छा संदेश जाता। उन्होंने अफसरों से कहा कि प्रदेश की ऐसी छवि बनाएं कि अपराधी यहां आएं ही नहीं और आ जाएं तो जा न पाएं। मुख्यमंत्री गुरुवार को आरपीए में आईजी-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बीकानेर रेंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और सुधार की नसीहत दी। साथ ही, पाली, करौली, चित्तौड़गढ़ और ब्यावर में महिला-एससी/एसटी के जुड़े मामलों और काम की जरूरत बताई। सीएम ने पुलिस द्वारा किए अच्छे कामों की सराहना भी की। दो साल में अपराधों में 15% कमी आई है। महिला अत्याचार में 10% तथा एससी-एसटी पर अत्याचार में 28% मामले कम हुए हैं। इस मौके पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, सीएस वी. श्रीनिवास, एसीएस भास्कर ए सांवत, डीजीपी राजीव शर्मा मौजूद थे। बीकानेर रेंज में पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत सीएम ने अधिकारियों को आदेश दिया कि 12 जनवरी को युवा दिवस पर विद्यार्थियों को थाने की विजिट करवाएं और नये कानूनों के बारे में जानकारी दें। ताकि विद्यार्थी जीवन में ही नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, पुलिसिंग आदि के बारे में जागरूक हो सकें। 3 केस: महाराष्ट्र-गुजरात पुलिस ने कार्रवाई की, यहां पता नहीं चला 1. मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने जोधपुर, बाड़मेर और प्रतापगढ़ में ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया था। तस्कर राजस्थान में ड्रग्स बनाकर मुंबई में सप्लाई कर रहे थे। प्रतापगढ़ में थाने के पास ड्रग्स बनाई जा रही थी, लेकिन पुलिस को भनक नहीं लगी। 2. गुजरात एटीएस ने जोधपुर और बाड़मेर में ड्रग्स तस्कर गिरोह का खुलासा किया था। यहां पुलिस को जानकारी नहीं मिल पाई। ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने और तस्करी रोकने के लिए प्रदेश स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स भी बनाई है। 3. दिल्ली बम ब्लास्ट के दौरान गुजरात एटीएस ने आतंकी गतिविधियों में लिप्त आरोपियों को पकड़ा था। ये हनुमानगढ़ में आए पाकिस्तानी हथियार लेकर गए थे। पाकिस्तान से तस्करी हुए मादक पदार्थ और हथियार दिल्ली व पंजाब कई बार पहुंच गए। संगठित अपराध रोकें व सोशल मीडिया पर गतिविधियों की स्क्रीनिंग करें
