अलवर सेंट्रल जेल परिसर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करना हार्डकोर अपराधी को भारी पड़ गया। मामले पर संज्ञान लेते हुए अलवर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी फिरोज खान (निवासी मन्नाका) को गिरफ्तार कर लिया है। फिरोज के खिलाफ अलवर शहर के अलग-अलग थानों में डकैती, रंगदारी, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट जैसे करीब एक दर्जन गंभीर मामले दर्ज हैं। जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी (आईपीएस) ने बताया- 23 जुलाई 2026 को सेंट्रल जेल अलवर के अधीक्षक ने थाना कोतवाली में उपस्थित होकर एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि सोशल मीडिया टीम से सूचना मिली थी कि फिरोज की इंस्टाग्राम आईडी से जेल परिसर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जांच करने पर वायरल वीडियो केंद्रीय कारागृह अलवर का ही पाया गया। कारागृह अधिनियम की धारा 42 के तहत जेल के अंदर मोबाइल, कैमरा या अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना और उसका प्रयोग करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अग्रिम जांच शुरू कर दी है। इस तरह पकड़ा गया आरोपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) डॉ. दीपक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. प्रियंका रघुवंशी और वृत्ताधिकारी (उत्तर) अंगद शर्मा के निकटतम सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी दिनेश कुमार (पु.नि.) की टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आसूचना संकलन और तकनीकी सहायता के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी फिरोज खान को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी वैशाली नगर थाने का चिन्हित हार्डकोर अपराधी है। फिरोज खान पुत्र खुर्शीद खान, निवासी मन्नाका, पुलिस थाना वैशाली नगर, जिला अलवर का रहने वाला है। दर्ज हैं ये संगीन मामले (हार्डकोर का आपराधिक रिकॉर्ड) थाना वैशाली नगर: साल 2024 व 2025 में पुलिस पर हमला, जानलेवा हमला (307 भादंसं) और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 303(2), 308(2), 111(3) के तहत मुकदमे दर्ज। थाना एनईबी: डकैती (395), रंगदारी (386, 387), अपहरण (365) और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज। थाना राजगढ व कोतवाली: लूट (392) और आर्म्स एक्ट (3/25) के तहत प्रकरण दर्ज।
