राजस्थान सरकार ने डिजिटल सेवाओं को और अधिक सुगम बनाते हुए ‘पहचान पोर्टल’ पर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। अब राज्य के नागरिक अपने पुराने बने हुए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों में भी अपना आधार नंबर लिंक करवा सकेंगे। यह सुविधा उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जिनका पंजीकरण वर्षों पहले बिना आधार कार्ड के हुआ था। ​नगर परिषद रजिस्ट्रार अरुण कुमार जाखड़ ने बताया कि इस नई प्रक्रिया से सरकारी रिकॉर्ड और भी पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएगा। आधार जुड़ने से भविष्य में डेटा वेरिफिकेशन आसान होगा और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई रुकावट नहीं आएगी। ​3 आसान स्टेप्स में होगा अपडेट ​पोर्टल पर इस प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। नागरिक केवल तीन मुख्य चरणों में अपना आधार जोड़ सकते हैं। ​रिकॉर्ड सर्च: सबसे पहले ‘पहचान पोर्टल’ पर जाकर अपना पुराना पंजीकरण रिकॉर्ड खोजना होगा। रिकॉर्ड मिलने के बाद, उसमें पहले से मौजूद किसी सदस्य (जैसे आवेदक, माता या पिता) का बायोमेट्रिक या ओटीपी के जरिए सत्यापन किया जाएगा। वेरिफिकेशन सफल होने पर उन सदस्यों का नया आधार नंबर जोड़ा जा सकेगा, जिनका विवरण पहले दर्ज नहीं था। प्रक्रिया पूरी होते ही स्क्रीन पर सफलता का मैसेज आ जाएगा। ​नाम का मिलान होना है जरूरी ​रजिस्ट्रार अरुण कुमार जाखड़ ने बताया कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है। पंजीकरण (Birth/Death Certificate) में दर्ज व्यक्ति का नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम की स्पेलिंग बिल्कुल एक समान (Same) होनी चाहिए। ​ यदि नाम में एक अक्षर का भी अंतर है, तो आधार लिंक नहीं हो पाएगा। ऐसी स्थिति में पहले आधार कार्ड या पुराने रिकॉर्ड में सुधार करवाना अनिवार्य होगा। ​डिजिटल सिग्नेचर के बाद ही मान्य होगा अपडेट ​इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। एक बार में केवल एक ही सदस्य का आधार जोड़ा जा सकता है। सभी स्टेप्स पूरे होने के बाद, संबंधित रजिस्ट्रार द्वारा डिजिटल सिग्नेचर (E-Sign) किया जाएगा। इसके बाद ही प्रमाण पत्र में आधार अपडेट की प्रक्रिया को पूर्ण माना जाएगा। ​आमजन के लिए क्यों जरूरी है यह अपडेट ​सरकारी योजनाएं जैसे पेंशन, बीमा और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं में अब आधार लिंक प्रमाण पत्र जरूरी हो गए हैं। इससे डेटा सुरक्षित रहेगा और फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म होगी। इसी तरह बार-बार भौतिक सत्यापन (Physical Verification) की जरूरत नहीं पड़ेगी।