अबोहर के अबोहर-बल्लूआना क्षेत्र के गांव जोधपुर में आज एक बड़ी आग लगने से लगभग 400 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना से आसपास के चार गांवों के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। यह आग मुक्तसर जिले के गांव कबरवाला से शुरू हुई बताई जा रही है। तेज हवाओं के कारण यह आग तेजी से पक्की और गुरूसर गांवों से होते हुए बल्लूआना क्षेत्र के गांव जोधपुर तक फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल कुछ ही समय में इसकी चपेट में आ गई। किसानों की साल भर की मेहनत मिनटों में नष्ट हो गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। ट्रैक्टरों से मिट्टी डालने पहुंचे किसान सूचना मिलने पर मलोट और अबोहर से फायर ब्रिगेड की लगभग 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। स्थानीय किसानों ने भी ट्रैक्टरों से मिट्टी डालकर और खेत जोतकर आग को आगे फैलने से रोकने में मदद की। आग बुझाने के इस अभियान में फायर ब्रिगेड के कर्मचारी राजकुमार, प्रगट सिंह (ड्राइवर), इंद्रजीत सिंह (ड्राइवर), रिंकू सिंह, यादविंदर सिंह, अमित सहारन और दलजीत सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। छप्पड़ में खड़े सरकंडों में अचानक आग लगी दूसरी ओर अबोहर के गांव राजांवाली में उस समय दहशत का माहौल बन गया जब गांव के छप्पड़ में खड़े सरकंडों में अचानक आग लग गई। ग्रामीण महीपाल और नंबरदार ने बताया कि छप्पड़ के पास घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका होने के कारण आग को देखकर गांववासियों में घबराहट फैल गई। आग लगने की सूचना मिलते ही गांव के बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और इसकी सूचना फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत और प्रयासों के बाद दमकल विभाग व गांववासियों ने आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो गया। गांववासियों के अनुसार अगर आग और अधिक फैल जाती तो आसपास के घरों के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी। किसानों को हुए नुकसान का आकलन जारी इस मौके पर गांववासियों सरपंच सतनाम सिंह जोधपुर, साहिब सिंह नंबरदार, सुरजीत सिंह पुत्र बलवीर सिंह, हरि कृष्ण सिंह पुत्र हरदेव सिंह, प्रीतम सिंह पुत्र इंदर, दर्शन सिंह पुत्र इंदर और बूटा सिंह आदि कहा कि आग के कारण उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई है, इसलिए सरकार और प्रशासन से मांग की गई है कि हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से आग पर काबू पाने के लिए प्रयास जारी हैं। आग के कारण किसानों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
