लाडपुरा (कोटा) विधायक कल्पना देवी ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। विधायक ने कहा- यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों का ट्रांसफर बाड़मेर तक करवाना पड़ेगा। बाड़मेर जब तक नहीं भेजेंगे, इनको अक्ल नहीं आएगी। यही नहीं, विधायक ने महिला अधिकारी को कहा- इनको शर्म भी नहीं आ रही है, मुंह तो छुपाएगी। दरअसल, राज्य बजट में बालापुरा लिफ्ट परियोजना के लिए करीब 8.5 करोड़ और किशनपुरा लिफ्ट प्रोजेक्ट के लिए 8 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। इन परियोजनाओं के तहत सोलर सिस्टम और पाइप लाइन वितरण का काम प्रस्तावित है। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने किसानों से कोई राय-मशविरा किए बिना ऑफिस में बैठकर डीपीआर तैयार कर दी। इसमें वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया गया। इस संबंध में ग्रामीणों और किसानों ने विधायक कल्पना देवी से शिकायत की थी। किसान परेशान, मतलब विभाग सही से काम नहीं कर रहा शिकायत मिलने के बाद विधायक मौके पर पहुंचीं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बुलाकर किसानों के साथ बैठक करवाई। इसमें किसानों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं और आपत्तियां रखीं। किसानों की नाराजगी सुनने के बाद विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अधिकारियों से कहा- यदि किसान असंतुष्ट और परेशान हैं तो इसका मतलब है कि विभाग अपना काम सही तरीके से नहीं कर रहा। विधायक ने सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंताओं को चेतावनी देते हुए कहा- ‘लगता है आपको बाड़मेर भेजना पड़ेगा।’ विधायक के तेवर देखकर अधिकारियों को मौके पर ही किसानों की बात सुननी पड़ी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे केथून मंडल अध्यक्ष हरिओम ने बताया कि दोनों परियोजनाओं में अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे थे। किसानों को यह तक जानकारी नहीं थी कि परियोजना के तहत किस प्रकार का कार्य किया जाएगा। डीपीआर भी किसानों को विश्वास में लिए बिना तैयार कर ली गई थी। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अब अधिकारियों और किसानों के बीच विस्तृत चर्चा कर योजनाओं को किसानों की जरूरतों के अनुरूप बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल मीणा, AEN अदिति गुप्ता, JEN कीर्ति नागर और हेमंत सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचे। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
