बुधवार को आरबीआई ने अपनी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई के इस फैसले से उधारकर्ता और निवेशकों दोनों के लिए संतुलित संकेत मिल रहे हैं और बाजार में स्थिरता की उम्मीद बनी हुई है। इसका सीधा असर आम नागरिक पर दिखाई देगा। रेपो रेट में होने वाला कोई भी बदलाव सीधा आपकी EMI पर असर डालता है, जिससे EMI के स्थिर रहने की संभावना है। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखकर वेट-एंड-वॉच की रणनीति अपनाई है। पिछले कुछ सालों से बढ़ती ब्याज दरों में यह ठहराव थोड़ी राहत देता है।
