Category: Latest News

रविंद्र भाटी बोले- जेल भेजकर हमें दबा दोंगे, ये गलतफहमी:रामराज्य सरकार में राजा सो रहा है; इंटेलीजेंस- जिम्मेदारों का फेलियर था, कार्रवाई निर्दोष PSO पर हुई

बाड़मेर के शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी एक बार फिर चर्चा में हैं। 19 मई को बाड़मेर कलेक्ट्रेट में खुद पर पेट्रोल छिड़कने के 10 दिन बाद उनके पीएसओ(पर्सनल…

कलेक्टर-जेडीसी के नहीं आने पर सांसद-विधायक भड़के:गोपाल शर्मा बोले- अफसरों को द्रव्यवती से नहीं, पैसे से मतलब; ब्यूरोक्रेसी के रवैये पर उठाए सवाल

जयपुर के द्रव्यवती प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्ट्रेट में बुलाई गई बैठक में कलेक्टर संदेश नायक,जेडीसी और निगम कमिश्नर के नहीं पहुंचने पर बीजेपी सासंद और विधायकों ने नाराजगी जताई। जयपुर…

SMS हॉस्पिटल में छज्जा गिरने से युवक की मौत:1 घायल को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया; खाना खाकर छाया में सो रहे थे दोनों

राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में छज्जा गिरने से 1 युवक की मौत हो गई। 1 व्यक्ति घायल हो गया, जिसे ट्रॉमा सेंटर में इलाज के बाद डिस्चार्ज…

पैरोल के बाद भी कैदी को 24-दिन जेल में रखा:सुप्रीम कोर्ट ने अवैध रूप से हिरासत मानी; पीड़ित को 11 लाख मुआवजा देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल के आदेश के बाद भी एक कैदी को 24 दिन तक जेल में रखने के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पीड़ित को 11 लाख…

पहली बार बिना सिलेक्शन कमेटी शुरू हुई RCA कॉल्विन ट्रॉफी:चैलेंजर ट्रॉफी भी नहीं होगी; खिलाड़ियों के सिलेक्शन पर उठे सवाल

राजस्थान क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब राज्य की सबसे फेमस घरेलू प्रतियोगिताओं कॉल्विन ट्रॉफी का आयोजन बिना आधिकारिक सिलेक्शन कमेटी के किया जा रहा…

JLN अस्पताल के नर्सिंग कर्मियों ने दीया अल्टीमेटम:1 जून से कार्य बहिष्कार की चेतावनी, मार्च से लंबित सैलरी और सुरक्षा राशि वापसी की मांग

अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में पन्नाधाय प्लेसमेंट एजेंसी के तहत कार्यरत नर्सिंग कर्मियों ने लंबित वेतन और अन्य मांगों को लेकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोल…

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर का डार्क जोन बनी बड़ी चुनौती!

भारत-बांग्लादेश सीमा का करीब 600 किलोमीटर हिस्सा सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है. भौगोलिक कठिनाइयों, अधूरी बाड़बंदी और सीमित संचार सुविधाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में निगरानी जटिल…

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर का डार्क जोन बनी बड़ी चुनौती!

भारत-बांग्लादेश सीमा का करीब 600 किलोमीटर हिस्सा सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है. भौगोलिक कठिनाइयों, अधूरी बाड़बंदी और सीमित संचार सुविधाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में निगरानी जटिल…